'साफ नीयत, सही विकास' नारे के जरिए मोदी सरकार अपना चार साल का लेखा-जेखा आम जनता तक पहुंचाएगी। पार्टी ने रणनीति के तहत अपने 14 वरिष्ठ मंत्रियों को पूरे देशभर में 40 शहरों में रैलियां आयोजित करने के लिए बोला है। वहीं एफएम चैनल्स के जरिए भी जनता पर पहुंच बनाने की तैयारी है।
48 साल बनाम 48 महीने
मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर बीजेपी ने व्यापक स्तर पर रणनीति बना कर इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। बीजेपी इसे सीधे 2019 में होने वाले चुनावों से लेकर जोड़ रही है।
पार्टी ने सरकार की चार साल की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता तक पहुंचाने के लिए 2019 से पहले 'साफ नीयत, सही विकास' का नारा दिया है। नारे से साफ है कि मोदी सरकार अपनी साफ छवि को जनता के सामने बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करना चाहती है। इस रणनीति के तहत सरकार के वरिष्ठ मंत्री अपने चार साल के कामकाज की रिपोर्ट जनता के सामने रखेंगे। इस रिपोर्ट में 48 सालों की कांग्रेस शासन बनाम 48 महीने की मोदी सरकार की उपलब्धियों का तुलनात्मक आंकड़ा होगा।
14 मंत्री, 40 रैलियां
29 मई से 2 जून तक 5 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में सरकार के 14 वरिष्ठ मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अनंत कुमार, रविशंकर प्रसाद, जेपी नड्डा, स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, धर्मेन्द्र प्रधान, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमन, मुख्तार अब्बास नकवी, जितेन्द्र सिंह, राज्यवर्धन राठौर और रामविलास पासवान देशभर में 40 शहरों में रैलियों को संबोधित करेंगे। इस अभियान में बीजेपी नेता जनसंपर्क करेंगे और लोगों को सरकार के कामकाज की उपलब्धियां बताएंगे।
हर राज्य से दो-तीन शहर
सरकार ने उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने के लिए तमिलनाडु में चैन्नई, कोयंबटूर और मदुरै को चुना है। तो वहीं यूपी में लखनऊ, बनारस और कानपुर में गृहमंत्री राजनाथ सिंह और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद रैलियों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा रविशंकर प्रसाद और रामविलास पासवान बिहार और झारखंड में रैलियों को संबोधित करेंगे। जबकि पीयूष गोयल राजस्थान में जयपुर और जोधपुर में जनता को संबोधित करेंगे।