सोमवार 21 जनवरी से केंद्रीय वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में बने प्रिंटिंग प्रेस में अंतरिम बजट-2019 की छपाई का काम शुरू हो गया है। इसके लिए सोमवार को हलवा सेरेमनी भी पूरी हो गई। हलवा सेरेमनी आम तौर वित्त मंत्री शुरू करते हैं। यह अच्छे काम की शुरुआत से पहले मुंह मीठा करने की प्रक्रिया से जुड़ी परंपरा है, लेकिन वित्तमंत्री अरुण जेटली अस्वस्थ हैं। वह अमेरिका में हैं और उन्हें जांघ में टिश्यू सारकोमा कैंसर हुआ है। लेकिन समझा जा रहा है कि जेटली एक फरवरी से पहले नई दिल्ली में होंगे और संसद में बजट पेश करेंगे।
हलवा सेरेमनी के बाद कोई नहीं आता बाहर
वित्त मंत्रालय में हलवा सेरेमनी के बाद वित्त मंत्रालय के छपाई में लगे 100 से अधिक कर्मचारी संसद में बजट पेश होने तक नार्थ ब्लॉक में ही रहेंगे। इस दौरान इन कर्मचारियों का अपने परिवार, रिश्तेदार किसी से कोई संपर्क नहीं रहता। ऐसा बजट की गोपनीयता को बनाए रखने के लिए किया जाता है। इस समारोह का उद्घाटन सोमवार को वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने किया। वित्त सचिव सुभाष गर्ग, सड़क एवं परिवहन राज्यमंत्री पी राधाकृष्णन मोजूद थे।
मोदी सरकार-2 की रूपरेखा पेश करेगा अंतरिम बजट
अंतरिम बजट-2019 मोदी सरकार-2 की रूपरेखा होगा। समझा जा रहा है कि सरकार इस बजट में युवा, किसान, मध्यवर्ग का खास ख्याल रखेगी। किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से खाते में पैसे का सीधे हस्तानांतरण, मध्यवर्ग को ध्यान में रखकर आयकर छूट की सीमा बढ़ाना समेत कई उपाय किए जा सकते हैं। होम लोन की दरों को लेकर सरकार राहत दे सकती है। पेशन भोगियों के लिए घोषणाएं संभव है। इसके अलावा केंद्र सरकार अंतरिम बजट में देश के विकास के आर्थिक विकास के मॉडल का खाखा खींच सकती है। युवाओं में रोजगार को लेकर भी सरकार अपनी प्रतिबद्धता जता सकती है।
31 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण, एक फरवरी को बजट
केंद्र सरकार 31 जनवरी को आर्थिक हालात को बताने वाला आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर सकती है। इसी दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के संयुक्त सदन को संबोंधित करेंगे। वह अपने सरकार की रूपरेखा बताएंगे। इसके अगले दिन वित्त मंत्री अरुण जेटली अंतरिम बजट पेश करेंगे। यह अरुण जेटली का छठवां बजट होगा। इसके बाद सत्ता में लौटने पर सरकार पूर्ण बजट लेकर आएगी। 31 जनवरी से आरंभ होने वाला संसद का बजट सत्र 14 फरवरी तक चलेगा।