बिहार की ही तीसरी सहयोगी न सिर्फ उच्च न्यायपालिका में आरक्षण के सवाल पर लोजपा-रालोसपा के साथ है, बल्कि इससे एक कदम आगे जान कर निजी क्षेत्र में आरक्षण के लिए आंदोलन की तैयारियों में जुटी है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मई महीने में आंदोलन की रूपरेखा तय हो जाएगी।
बहुत कुछ कहती है नीतीश-पासवान-कुशवाहा की करीबी
हालांकि जदयू, रालोसपा और लोजपा बार-बार राजग में बने रहने की घोषणा करती है, मगर हाल ही में कुशवाहा-नीतीश-पासवान की नजदीकी बढने के कई सियासी निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। नीतीश रामनवमी जुलूस के दौरान सूबे में हुई हिंसा से बेहद क्षुब्ध हैं। राजगीर में उन्होंने पीएम के समक्ष स्वच्छता के साथ शांति को भी जरूरी बता कर अपनी नाराजगी का इजहार किया था। इसके बाद उन्होंने अचानक पासवान बिरादरी को महादलित में शामिल करने की घोषणा की। नीतीश ने कभी पासवान के दलित वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए महादलित का उपवर्ग बनाया था। फिर दीन बचाओ देश बचाओ अभियान के संयोजक खालिद अनवर को विधान परिषद का टिकट दे कर सियासी संदेश दिया। गौरतलब है कि अनवर को उसी दिन टिकट देने की घोषणा हुई जिस दिन उन्होंने पटना में रैली में पीएम मोदी पर लगातार कई गंभीर आरोप लगाए।