गांवों और किसानों तक केंद्र की योजनाओं का लाभ पहुंचा या नहीं, इसका पता लगाने के लिए सरकार गांधी जयंती से अभियान शुरू करेगी। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से देशभर में चलाए जाने वाले ग्राम पंचायत विकास अभियान में 29 केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों के अधिकारी शामिल होंगे। अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान गांवों में लोगों को केंद्रीय योजनाओं की स्थिति बताने के लिए सूचना पट्ट लगाए जाएंगे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव अमरजीत सिन्हा ने बताया कि अभियान के दौरान केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों के ग्राम पंचायत विभाग के अधिकारी ग्राम सभाएं प्रक्रियागत तरीके से कराएंगे। साथ ही इसमें शामिल होकर ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की हकीकत का पता लगाएंगे।
ग्रामीण इन सभाओं में शामिल होकर किसी भी योजना, चाहे फसल बीमा हो या फिर सुरक्षा बीमा में कमी या दावे का क्लेम नहीं मिलने की शिकायत कर सकते हैं। इन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी ।
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में पंचायतों में 31 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि हैं जिनके तहत 5.25 करोड़ महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी हैं।
सरकार का प्रयास है कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के तहत पंचायतों-महिलाओं का क्षमतावर्धन किया जाए। उन्हें शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर हर दिन या सप्ताह में सूचना मिले और वे कार्य नहीं होने पर सरकार से सीधे संपर्क कर सकें।कितने घर बने, कैसे बने या मनरेगा के तहत कितना काम हुआ और क्या काम हुआ, यह सब इस अभियान में पता लग जाएगा।