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प्रोटोकॉल तोड़कर वाजपेयी की अंत्येष्टि में पैदल चले पीएम मोदी, सभी हुए हैरान 

Sun, 19 Aug 2018 04:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा के दौरान पैदल चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा के दौरान अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए अंतिम यात्रा में पैदल चलने का निर्णय ले लिया। पीएम मोदी के इस फैसले से पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और सभी आमजन हैरान हो गए। भाजपा मुख्यालय से जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा का वाहन राजघाट के पास स्थित स्मृति स्थल के लिए चला तो पीएम मोदी भी पीछे-पीछे पैदल चलने लगे।

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पसीने से सराबोर पीएम करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर स्मृति स्थल पहुंचे। उनके साथ भाजपा अध्यक्ष के साथ-साथ तमाम भाजपा नेता भी चल रहे थे। इस दौरान एसपीसी और पुलिस को सुरक्षा इंतजाम में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। 
 
शुक्रवार को दोपहर करीब एक घंटे देरी से दो बजे भाजपा मुख्यालय से अटल जी की अंतिम यात्रा की शुरूआत हुई। जैसे ही अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित बीजेपी मुख्यालय से दाह संस्करा के लिए स्मृति स्थल के लिए निकाला गया तो पीएम मोदी उनके पीछे चल पड़े। जब वे अपनी कार में नहीं बैठे तो वहां पर मौजूद सभी आश्चर्य में पड़ गए।
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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तभी प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में लगे एसपीजी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी कि उत्तरी दिल्ली में स्मृति स्थल पर जहां वाजपेयी का अंतिम संस्कार होना है, वहां तक पीएम मोदी पैदल ही जाएंगे।

प्रधानमंत्री को पैदल जाता देख भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, रेलवे मंत्री पीयूष गोयल समेत कुछ अन्य नेता भी उनके साथ हो लिए।
 
प्रधानमंत्री मोदी पसीने से भीगे हुए थे मगर गले में पड़े पटके से तो कभी हाथ में लिए रूमाल से पसीना पोछते हुए वह आगे बढ़ते रहे। वह चुपचाप पूर्व प्रधानमंत्री के अंतिम यात्रा वाहन के पीछे चल रहे थे। पीएम मोदी स्मृति स्थल पर मंत्रोच्चार, मुखाग्नि के बाद अंत तक वहीं रूके रहे। 
 
सुरक्षा इंतजाम में लगे वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि कोई प्रधानमंत्री इस तरह सार्जवनिक तौर पर अंत्येष्टि यात्रा में पैदल चलकर शामिल हुआ हो। उनकी सुरक्षा को लेकर हमारे पास बहुत ही थोड़ा वक्त था। हालांकि, हम वीवीआईपी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सुरक्षा सामानों से लैस थे। प्रधानमंत्री की पैदल चलना हमारे लिए आश्चर्य की बात थी।  

हालांकि सुरक्षा प्रोटोकॉल के मुताबिक, प्रधानमंत्री को जिन रास्तों से गुजरना होता है उसकी कुछ घंटे पहले ही घेराबंदी कर दी जाती है। ट्रैफिक को पूरी तरह से रोक दिया जाता है। सड़क के दोनों तरफ हथियार से लैस पुलिस के अफसरों को तैनात किया जाता है। कोई बाहरी शख्स को रास्ते में खड़ा नहीं होना चाहिए। 
 
बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई नेता वाजपेयी की अंतिम यात्रा में दीन दयाल मार्ग से होते हुए व्यस्ततम इलाके पुरानी दिल्ली के दरियागंज से होते हुए स्मृति स्थल तक पहुंचे। बताया जा रहा है कि पार्टी कार्यालय में मौजूद बीजेपी के नेता भी प्रधानमंत्री के इस फैसले से हैरान थे।

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