पार्टी सूत्रों का कहना है कि बजट में फिलहाल सरकार मध्य और किसान वर्ग को राहत देने के उपायों पर मंथन कर रही है। खासतौर से मध्य वर्ग के लिए आयकर राहत का दायरा बढ़ाने पर विमर्श अंतिम दौर में है। सरकार पर आरोप है कि उसके करीब पौने पांच साल के कार्यकाल में मध्य वर्ग को राहत देने के लिए कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया। चुनावी बजट में सरकार इस आरोप से बाहर निकलना चाहती है। इसी तरह किसानों को भी ऋण माफी के इतर अन्य तरह की राहत देने पर माथापच्ची हो रही है।
तीन तलाक बिल पारित कराने के लिए भी रणनीति
साथ ही नागरिकता संशोधन, तीन तलाक सहित करीब एक दर्जन अन्य बिलों को भी संसद में मंजूरी दिलाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाएगी। तीन तलाक और नागरिकता संशोधन बिल के जरिए पार्टी चुनाव से ठीक पहले सियासी लाभ उठाना चाहती है। पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि अगर इन बिलों को संसद की मंजूरी नहीं मिली तो चुनाव में पार्टी के सामने विपक्ष पर अड़ंगा लगाने के आरोप का मौका मिलेगा। गौरतलब है कि संसद की मंजूरी नहीं मिलने के बाद तीन तलाक मामले में सरकार ने दूसरी बार अध्यादेश जारी किया है।