सालों से ठंडे बस्ते में पड़े नेशनल काउंटर टेररिजम सेंटर (एनसीटीसी) को लेकर एनडीए की सरकार गंभीर हो गई है। आतंकवादी गतिविधियों का सामना करने के लिए सभी बड़ी एजेंसियों के मिलकर काम करने का ये एक प्लेटफॉर्म है। केंद्रीय गृह सचिव राजीव महिर्षी ने एनसीटीसी को लेकर आईवी चीफ राजीव जैन और एनआईए के हेड शरद कुमार से गुरुवार को मुलाकात की।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से एनसीटीसी को लेकर यह पहला बड़ा कदम है। बताया जा रहा है कि घंटों चली मीटिंग में एनसीटीसी के ढांचे और उसको लेकर कानूनी ढांचा तैयार करने को लेकर बातचीत हुई।
सूत्रों के मुताबिक अगर सभी बड़ी एजेंसियां किसी भी आतंकवादी ऑपरेशन के लिए एनसीटीसी के अंदर आती हैं, तो ये एक बहुत बड़ा कदम होगा। इस बॉडी में आईबी, एनआईए, एनएसजी व अन्य सुरक्षा एजेंसियां शामिल होंगी। इन सभी एजेंसियों के चीफ एनसीटीसी को रिपोर्ट करेंगे।
आधिकारिक सूत्रों की माने तो अगर एनआईए एनसीटीसी के अंतर्गत आ जाता है, तो उसे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अलग से कानूनी आदेशों के मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि आईबी एनसीटीसी में शामिल होने का कथित तौर पर विरोध कर रहा है।
बता दें कि यूपीए सरकार ने 2012 में एनसीटीसी के गठन पर जोर दिया था। जिसके बाद गुजरात के तत्काली मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल), जयललिता (तमिलनाडु), रमन सिंह (छत्तीसगढ़), शिवराज सिंह चौहान (मध्य प्रदेश) व अन्य ने इसका पुरजोर विरोध किया था।