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बीमा विधेयक के बाद जीएसटी पर भी सफल हुई मोदी सरकार

Thu, 04 Aug 2016 04:33 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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देर से ही सही मोदी सरकार ने आर्थिक सुधार के लिए अहम माने जा रहे अपने सभी एजेंडों को परवान चढ़ा लिया है। सरकार का महज भूमि सुधार विधेयक ही खटाई में पड़ा। अर्थिक सुधार के लिए अहम माने जा रहे बीमा विधेयक हो या जीएसटी दोनों को ही सरकार अंजाम तक पहुंचाने में कामयाब रही है। 
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राज्य सभा में सरकार के अल्पमत में रहने के बावजूद भी बीमा विधेयक को शुरुआती दौर में ही सफलता मिल गई थी। जीएसटी को भी सरकार ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरा होते ही परवान चढ़ा दिया है। राजनीतिक दलों के बीच सर्वसम्मति बनाने में सरकार को जीएसटी पर बेशक थोड़ा वक्त लगा है।

मगर नई-नई ऊंचाईयों को छूने के धनी पीएम मोदी के खाते में एक और ऐतिहासिक सफलता हाथ लग गई है। हालांकि, जीएसटी विधेयक को राज्यसभा से पारित कराने में कांग्रेस समेत विपक्ष में बैठे तमाम क्षेत्रीय दलों का भी सरकार को साथ मिला है। मगर विधेयक को पारित कराने का पूरा श्रेय पीएम मोदी को ही है।
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जीएसटी विधेयक को परवान चढ़ाने के प्रयास कांग्रेस की सरकारों के जरिये भी हुए थे लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में वे सफल नहीं हो सके। जीएसटी पर संसद की मुहर लगवाने के लिए मोदी सरकार सत्ता में आने के साथ से ही प्रयासरत थी।

राजनीतिक दलों की ओर से विरोध के स्वर कई बार उठे।  अंत में सरकार अपने मकसद में कामयाब रही है। मोदी के मजबूत इरादे का ही फल है कि विपक्ष के तमाम रूठने-मानने के बावजूद भी सरकार विधेयक को पारित करवाने में सफल रही है। यह विधेयक न सिर्फ आर्थिक सुधारों के लिए अहम है बल्कि देश के ऐतिहासिक  भी है। 

जीएसटी की राह में सरकार के सामने सबसे बड़ी बाधा राज्यसभा की दहलीज पार करवाना था। यहां से जीएसटी पारित होने के बाद लोकसभा में विधेयक को मुश्किल नहीं है। राज्यसभा से जीएसटी के दहलीज पार करने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि लोकसभा से भी विधेयक को जल्द मंजूरी मिल जाएगी। सरकार का प्रयास अप्रैल 2018 से देश में जीएसटी को लागू करने का है। इसके लिए राज्य विधानसभाओं और उसके बाद राष्ट्रपति से भी सहमति लेनी पड़ेगी।
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