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NSAB: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के लिए आलोक जोशी पर भरोसा, पेगासस जांच कमेटी में भी रहे हैं पूर्व आईपीएस

सार

पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार की रणनीतिक बैठकों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड बड़ा फेरबदल किया गया है। सरकार की ओर से पुनर्गठित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड में सात सदस्य होंगे। बोर्ड में तीनों सेनाओं के सेवानिवृत्त अधिकारी होंगे। सरकार की ओर से पूर्व रॉ प्रमुख आलोक जोशी को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
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पाकिस्तान से तनाव के बीच मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला। - फोटो : PTI
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (एनएसएबी) का नए सिरे से गठन किया है। इस बोर्ड में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं रॉ प्रमुख रहे आलोक जोशी को सौंपी गई है। केंद्र सरकार के भरोसे पर खरे उतरने वाले जोशी, 2012 में तत्कालीन डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में रॉ प्रमुख बने थे। उसके बाद केंद्र की मोदी सरकार ने उन्हें 'एनटीआरओ' का चेयरमैन बनाया था। इतना ही नहीं, 2021 में जब देश में 'पेगासस' का मामला उठा तो सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। उस जांच कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस आरवी रवींद्रन को बनाया गया था। हरियाणा कैडर के पूर्व आईपीएस आलोक जोशी को कमेटी में बतौर सदस्य शामिल किया गया था।  

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बता दें कि सरकार ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड का नए सिरे से गठन किया है। इसमें पूर्व रॉ प्रमुख आलोक जोशी को, बतौर अध्यक्ष शामिल किया गया है। बोर्ड में सैन्य सेवाओं के सेवानिवृत्त अधिकारी, पूर्व एयर मार्शल पीएम सिन्हा, पूर्व ले. जन. एके सिंह और पूर्व रियर एडमिरल मोंटी खन्ना भी रहेंगे। इनके अलावा पूर्व आईपीएस राजीव रंजन वर्मा व मनमोहन सिंह को भी बोर्ड में जगह दी गई है। पूर्व आईएफएस अधिकारी, बी वेंकटेश वर्मा भी बोर्ड में रहेंगे। 

यह भी पढ़ें- राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठन: पूर्व रॉ प्रमुख अध्यक्ष बने, पाकिस्तान से तनाव के बीच बड़ा फैसला
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2012 में रॉ सेक्रेटरी बने थे आलोक जोशी ... 
आलोक जोशी को साल 2012 में रॉ सेक्रेटरी बनाए जाने का आदेश जारी किया गया था। वे हरियाणा में कई जिलों के एसपी रहने के बाद प्रतिनियुक्ति पर 'रॉ' में आ गए थे। वे लंबे समय तक विदेश में भी रहे हैं। पाकिस्तान और नेपाल को लेकर उन्होंने विशेष काम किया है। विदेश से लौटने के बाद वे कुछ समय तक हरियाणा में आईजी के पद पर लगे, लेकिन जल्द ही वे दोबारा से केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर 'रॉ' में लौट आए। रॉ से रिटायर होने के बाद 2014 में उन्हें 'नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन' (एनटीआरओ) के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस पद पर उन्होंने 2018 तक काम किया। 
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पेगासस जांच कमेटी में भी रहे हैं आलोक जोशी ... 
साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जांच कमेटी की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस आरवी रवींद्रन को सौंपी गई थी। इस कमेटी में पूर्व आईपीएस आलोक जोशी (1976 बैच) को भी शामिल किया गया। मंगलवार को पेगासस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश की सुरक्षा के लिए स्पाइवेयर रखना गलत नहीं है। हालांकि व्यक्तियों के खिलाफ इसके दुरुपयोग की जांच की जाएगी। सर्वोच्च अदालत ने कहा, वे ऐसी किसी भी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करेंगे, जो देश की सुरक्षा और सुप्रभुता से जुड़ी हो। हालांकि निजता के उल्लंघन की व्यक्तिगत आशंकाओं पर विचार कर सकता है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि तकनीकी समिति की रिपोर्ट को लेकर सड़कों पर चर्चा नहीं होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले पर सुनवाई 30 जुलाई तक के लिए टाल दी।

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