फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PNB घोटाले के बाद सरकार की टूटी नींद, घाटे में चल रही विदेशी शाखाएं होंगी बंद

Thu, 01 Mar 2018 07:49 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

पंजाब नेशनल बैंक में 127 अरब रुपये के लोन घोटाले के मद्देनजर साफ-सुथरी और जवाबदेह बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने सरकारी बैंकों की 35 विदेशी शाखाओं के समेकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा घाटे में चल रही कुछ विदेशी शाखाओं को बंद कर दिया जाएगा। वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने बृहस्पतिवार को ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी।

विज्ञापन


उन्होंने ट्वीट किया कि सरकारी बैंकों के अंतरराष्ट्रीय संचालन को प्रभावित किए बिना 35 शाखाओं को समेकित किया जाएगा। इसके तहत बैंकों की शाखाओं का विलय किया जाएगा। 

इसके अलावा 69 विधएशी शाखाओं की जांच की जाएगी और उनमें से घाटे में चल रही शाखाओं को बंद कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य संचालन लागत को कम करना और विदेशी बाजार में तालमेल को बढ़ावा देना है।
विज्ञापन


पिछले साल नवंबर में सरकारी बैंकों के मंथन कार्यक्रम में विदेशी शाखाओं के समेकन के एजेंडे को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत सरकारी बैंकों को अपनी सभी 216 संचालनों की जांच के बाद उनके बारे में उचित निर्णय लेने का आदेश दिया गया था। 

इस समय सरकारी बैंकों की विदेश में 165 शाखाएं काम कर रही हैं। इसके अलावा विदेश में उनकी कई सब्सिडियरी, संयुक्त उपक्रम और प्रतिनिधि कार्यालय काम कर रहे हैं। सबसे ज्यादा 52 शाखाएं स्टेट बैंक की हैं। 

इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा (50), बैंक ऑफ इंडिया (29) का नंबर है। देशों के लिहाज से देखा जाए तो सबसे ज्यादा 32 शाखाएं यूके में हैं। इसके बाद हांगकांग और यूएई में 13-13 शाखाएं हैं, जबकि सिंगापुर में 12 शाखाए हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें