Rajya Sabha: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की घटनाओं पर सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में अपना जवाब दिया। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सदन को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री बांग्लादेश के नेताओं के साथ बातचीत में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठा चुके हैं।
भारत सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की घटनाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है। इनमें अल्पसंख्यकों के घरों, संपत्तियों और पूजा स्थलों पर हमले शामिल हैं। सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि इस मुद्दे को बांग्लादेश सरकार के सामने बार-बार उठाया गया है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लिखित जवाब में इस बात की जानकारी राज्यसभा को दी है।
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'पीएम मोदी और विदेश मंत्री भी उठा चुके हैं मुद्दा'
दरअसल, सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने सरकार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों, धमकियों और वहां बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार से जानकारी मांगी थी। इस पर सरकार ने बताया कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा बांग्लादेश के सामने राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर कई बार उठाया गया है।
प्रधानमंत्री ने 4 अप्रैल 2025 को बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मुलाकात में यह मुद्दा उठाया था। इसके अलावा, विदेश मंत्री ने 16 फरवरी 2025 को विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन के साथ बातचीत में भी इस पर चर्चा की थी।
'अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बांग्लादेश सरकार की'
विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि अन्य देशों के नेताओं के साथ हुई बैठकों में भी इस विषय को उठाया गया है। उन्होंने साफ कहा कि बांग्लादेश के सभी नागरिकों, जिनमें अल्पसंख्यक भी शामिल हैं, की जान-माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी वहां की सरकार की है। एक अन्य सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि अगर अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को निजी रंजिश या राजनीतिक कारण बताकर टाला जाता है, तो इससे अपराधियों और चरमपंथियों को बढ़ावा मिलता है। इससे अल्पसंख्यकों में डर और असुरक्षा की भावना और बढ़ती है।