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परंपरा और राष्ट्रगौरव: राष्ट्रपति की मौजूदगी में बीटिंग रिट्रीट ने बांधा समां; पीएम मोदी ने कलाकारों को सराहा

Thu, 29 Jan 2026 05:40 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विजय चौक पर आयोजित बीटिंग रिट्रीट समारोह के साथ 77वें गणतंत्र दिवस का औपचारिक समापन हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बैंडों ने देशभक्ति संगीत प्रस्तुत किया। 
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बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में पीएम मोदी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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विजय चौक पर आयोजित बीटिंग रिट्रीट समारोह के साथ 77वें गणतंत्र दिवस समारोहों का औपचारिक समापन हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और देश की सैन्य परंपराओं, अनुशासन व शौर्य का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित रहे। 'कदम कदम बढ़ाये जा', 'विजय भारत' और अन्य गीतों ने गुरुवार को रायसीना हिल पर बीटिंग रिट्रीट समारोह में माहौल को देशभक्ति की भावना से भर दिया। 
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क्या है बीटिंग रिट्रीट का महत्व?
बीटिंग रिट्रीट समारोह हर वर्ष विजय चौक पर आयोजित होता है और यह गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन का प्रतीक है। सैन्य परंपरा से निकले इस आयोजन में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बैंड देशभक्ति और शास्त्रीय धुनों की प्रस्तुति देते हैं। यह आयोजन भारतीय सशस्त्र बलों की परंपरा, अनुशासन और वीरता को रेखांकित करता है।

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राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की मौजूदगी
समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समारोह में शामिल हुए। तीनों शीर्ष संवैधानिक पदों पर आसीन नेताओं की उपस्थिति ने इस आयोजन के राष्ट्रीय महत्व को और मजबूत किया।



वायुसेना बैंड की 'सिंदूर' संरचना ने खींचा ध्यान
  • भारतीय वायुसेना के बैंड ने सिंदूर संरचना बनाई।
  • यह प्रस्तुति ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित रही।
  • संगीत और संरचना के माध्यम से सैन्य बलों के बलिदान और पराक्रम को श्रद्धांजलि दी गई।
  • दर्शकों ने इस प्रस्तुति को लंबे समय तक तालियों से सराहा।

प्रधानमंत्री बोले- सैन्य विरासत पर गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीटिंग रिट्रीट समारोह गणतंत्र दिवस समारोहों के औपचारिक समापन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत की समृद्ध सैन्य विरासत की ताकत को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे देश की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं और उनका अनुशासन व शौर्य पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा है।

बीटिंग रिट्रीट के कलाकारों की पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के कलाकारों की खूब तारीफ की। एक्स पर साझा एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने कहा कि बीटिंग रिट्रीट 2026 में आर्मी मिलिट्री बैंड द्वारा बजाई गई धुनें बहुत बढ़िया थीं। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर, वंदे मातरम के 150 साल, भारत की नारी शक्ति की क्रिकेट जीत, साथ ही अश्विनी ड्रोन, भैरव बटालियन और प्राचीन 'गरुड़ व्यूह' युद्ध संरचना को शामिल करने वाली फॉर्मेशन भी उतनी ही शानदार थीं।'

प्रधानमंत्री मोदी ने CAPF बैंड की भी तारीफ की। उन्होंने नेवल बैंड के परफॉर्मेंस पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'बस शानदार'। प्रधानमंत्री ने कहा, 'बीटिंग रिट्रीट 2026 में वायुसेना बैंड असाधारण था। उन्होंने 'ब्रेव वॉरियर', 'ट्वाइलाइट', 'अलर्ट (पोस्ट हॉर्न गैलप)' और 'फ्लाइंग स्टार' को बहुत अच्छे से प्रस्तुत किया। सिंदूर फॉर्मेशन शानदार था।'
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संगीत, परंपरा और राष्ट्रगौरव का संगम
समारोह में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बैंडों ने सामूहिक रूप से प्रस्तुति दी। देशभक्ति और शास्त्रीय संगीत के मिश्रण ने वातावरण को भावुक और गर्व से भर दिया। यह आयोजन न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और परंपरागत विरासत का भी उत्सव है। कैपफ बैंड ने 'विजय भारत' धुन बजायी बजाई। इस धुन के जरिये भारत के उत्थान और उसकी संस्कृति व विरासत का जश्न मनाया गया। कार्यक्रम स्थल पर बड़े स्क्रीन लगाए गए थे, जो समारोह की लाइव छवियां दिखा रहे थे। इन स्क्रीन पर 'वंदे मातरम' के डेढ़ सौ साल, गगनयान मिशन और 'अमर जवान ज्योति' की प्रतीकात्मक छवियां भी दिखाई गईं।

77वें गणतंत्र दिवस का औपचारिक समापन
बीटिंग रिट्रीट के साथ 77वां गणतंत्र दिवस समारोहों का समापन हुआ। तिरंगे के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम ने देशवासियों के भीतर राष्ट्रगौरव की भावना को और प्रबल किया। यह संदेश दिया गया कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं, सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय एकता सदैव मजबूत रहेंगी।


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