नोटबंदी की चौतरफा आलोचना और घटते आर्थिक दर (जीडीपी) के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीति का खुल कर बचाव किया। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (फिक्की) के विशेष समारोह में शाह ने कहा कि सरकार अगले 30 साल की ठोस आथिक नीति तैयार करने की तरफ अग्रसर है। नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसले उसी कवायद का अहम हिस्सा हैं।
शाह ने कहा कि बैंकों के बही खाते की सफाई, फंसे कर्ज (नॉन परफार्मिंग असेट) की उगाही को प्रार्थमिकता देना और कोयला, स्पेक्ट्रम जैसे संसाधनों की पारदर्शिता के साथ निलामी सबके लिए टिकाऊ प्रगति का अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ऐसे कदम उठाए हैं जिससे आर्थिक व सामाजिक संस्थानों के फायदे में गरीब लोगों में भी बराबर हिस्सेदारी हो। शाह के मुताबिक, यूपीए सरकार के दौरान गरीबों तक सब्सिडी का फायदा पहुंचने से पहले ही कहीं गायब हो जाता था। इस सरकार ने उन सभी कमियों को दूर कर दिया है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हाल के तिमाही जीडीपी की गिरावट (5.7 फीसदी) से ज्यादा निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। देश की अर्थव्यवस्था निश्चित और ठोस नतीजे की तरफ बढ़ रही है। इसके पीछे विभिन्न आर्थिक और समाजिक सुधार की दिशा में लिए गए अहम फैसले हैं। इसका फायदा सिर्फ एक खास वर्ग को नहीं बल्कि नीचले आर्थिक स्तर पर रहने वाले लोगों तक भी पहुंचेगा।
नोटबंदी की आलोचनाओं को खारिज करते हुए शाह ने कहा कि मोदी सरकार लोगों को खुश करने और तारीफ लूटने के लिए फैसले नहीं लेती। सरकार के किसी भी फैसले के पीछे आम लोगों की उन्नति मुख्य मकसद होता है।