भाजपा ने विपक्ष पर बाबा भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। गुरुवार को केंद्रीय कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 'हमारी पार्टी एससी/एसटी एक्ट को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्घ है लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इसका विरोध कर रहे हैं।'
उन्होंने आगे कहा 'कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी हिंसा के जरिए देश की शांति में भंग डालना चाहती है।' वहीं केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा कि 'कांशी राम जी ने कभी हिंसा में विश्वास नहीं रखा। लेकिन मायावती इस दिशा में आगे बढ़ रही हैं।'
बता दें कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के 20 मार्च के फैसले पर दलित संगठन कड़ा विरोध कर रहे हैं। दलितों ने फैसले के विरोध में 2 अप्रैल को देशव्यापी बंद का आयोजन किया गया था। इस दौरान हुई हिंसा में दर्जनों लोगों की मौत हो गई।
प्रधानमंत्री ने भी सुनाई थी खरी-खरी
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति न करने की नसीहत दी है। एक कार्यक्रम में पीएम ने विपक्ष पर आंबेडकर के नाम का महज सियासी इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि इस सरकार ने आंबेडकर का सम्मान बढ़ाने के लिए जितना काम किया है उतना किसी ने नहीं किया होगा।
पीएम ने कहा था कि आंबेडकर को राजनीति में घसीटने के बदले उनके दिखाए रास्ते पर चलने की जरूरत है। पूर्व की यूपीए सरकार के दौरान संविधान निर्माता आंबेडकर के नाम पर सिर्फ राजनीति की गई। पीएम ने वाजपेयी सरकार के आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र की स्थापना की योजना को यूपीए सरकार द्वारा ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया।