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लोकसभा चुनाव करीब आने पर सरकार को आई सांसदों की सुध

Mon, 27 Aug 2018 02:13 AM IST
शरद गुप्ता, नई दिल्ली
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लोकसभा चुनाव करीब आने के साथ ही सरकार को संसद सदस्यों की सुध आने लगी है। कई मंत्रियों ने अपने विभागों को सांसदों से मिलने और उनके काम निपटाने के निर्देश दिए हैं ताकि सांसद यह शिकायत नहीं कर सकें कि मंत्री उनसे नहीं मिलते या उनके काम नहीं करते। 

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रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को भेजे पत्र में कहा है कि उन्होंने रेलवे के सभी 13 डिविजन के महाप्रबंधक (जीएम) को सितंबर में बैठक बुलाकर अपने क्षेत्र के सभी सांसदों की समस्याएं सुनने और प्राथमिकता पर उनका निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। 

गोयल ने पत्र में लिखा है कि सभी 13 महाप्रबंधक को कैलेंडर बता दिया गया है कि किस डिविजन के सांसद उनसे कब मिलेंगे। रेलवे के पास सबसे ज्यादा सिफारिशें ट्रेन के नए स्टॉप घोषित करने की आती हैं। लेकिन रेलमंत्री ने यह पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नए स्टॉप बहुत जरूरी परिस्थितियों में ही दिए जाएंगे। यह भी बता दिया गया है कि नई लाइन या नया स्टेशन तभी बन सकता है जब संबंधित राज्य सरकार जरूरी भूमि अधिग्रहण कर रेलवे को दे दे। 
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वहीं, स्थानीय लोगों की शिकायतों को लेकर भी सांसद रेल मंत्रालय के चक्कर लगाते रहते हैं। लेकिन अब जीएम को ही ज्यादा अधिकार देकर शिकायतों का त्वरित समाधान करने की कोशिश की गई है।
  
इसी तरह संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने भी सभी सांसदों को पत्र भेजकर एक सितंबर को इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक के लांच समारोह में शामिल होने का अनुरोध किया है। 

इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में लांच करेंगे। इसके साथ ही देशभर में बैंक की 650 शाखाएं और 3250 एक्सेस प्वाइंट का भी उद्घाटन होगा। प्रत्येक सांसद अपने क्षेत्र की एक-एक पेमेंट बैंक शाखा का उद्घाटन करेंगे।

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यह भी हो सकती है वजह

दरअसल कुछ समय पहले ग्वालियर से कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया था। 

उनका कहना था कि उनके संसदीय क्षेत्र परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के एक कार्यक्रम में न तो उन्हें बुलाया गया और न ही शिलापटल पर उनका नाम दर्ज किया गया। तब, गडकरी ने सदन में मामले से अनभिज्ञ होने की बात कह खेद प्रकट किया था। 

सरकार नहीं चाहती चुनाव से पहले न तो विपक्ष से और न ही सत्ता पक्ष के सांसदों की तरफ से इस तरह की कोई शिकायत आए।
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