दरअसल कुछ समय पहले ग्वालियर से कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया था।
उनका कहना था कि उनके संसदीय क्षेत्र परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के एक कार्यक्रम में न तो उन्हें बुलाया गया और न ही शिलापटल पर उनका नाम दर्ज किया गया। तब, गडकरी ने सदन में मामले से अनभिज्ञ होने की बात कह खेद प्रकट किया था।
सरकार नहीं चाहती चुनाव से पहले न तो विपक्ष से और न ही सत्ता पक्ष के सांसदों की तरफ से इस तरह की कोई शिकायत आए।