करोड़ों ईपीएफओ ग्राहकों के ब्योरे में कमियां पाई गई हैं। 8.38 करोड़ से अधिक ईपीएफओ ग्राहकों के खातों में जन्मतिथि अंकित नहीं है। जबकि 11.07 करोड़ ग्राहकों के खातों में पिता का नाम गायब है।
श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी साझा की। गंगवार ने यह भी बताया कि 7.83 करोड़ से अधिक ग्राहकों की ईपीएफओ में शामिल होने की तारीख के रिकॉर्ड मौजूद नहीं हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ईपीएफओ के 19 करोड़ से ज्यादा ग्राहक खाते हैं।