भारतीय रेलवे ने मिशन कर्मयोगी के तहत कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए IGOT (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) प्लेटफार्म पर कोर्स करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें हर कर्मचारी को 6 घंटे के कम से कम 5 कोर्स का IGOT अध्ययन पूरा करने को कहा गया है। इससे रेलवे के प्रदर्शन में सुधार आएगा।
रेलवे बोर्ड के आदेश पर सभी रेलवे जोन के सीसीएम ने वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों से कहा है कि, नए और रोजगार मेला योजना के तहत भर्ती कर्मचारियों को IGOT कर्मयोगी पोर्टल पर प्रारंभ मॉड्यूल पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है। सभी रेलवे जोन के कर्मचारियों ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 10 दिसंबर तक पोर्टल पर पंजीकरण और प्रशिक्षण पूरा करने का निर्देश दिया हैं।
रेलवे बोर्ड के अनुसार राष्ट्रीय लर्निंग वीक के दौरान जिन्होंने केवल 4 कोर्स पूरे किए है उन्हें इस पत्र में उल्लेखित दो अतिरिक्ति कोर्स भी पूरे करने होंगे। जिन कर्मचारियों ने कोई कोर्स पूरा नहीं किया है,उन्हें 6 कोर्स पूरा करने होंगे।
IGOT कर्मयोगी पोर्टल पर ये कोर्स करने होंगे
विकसित भारत का अवलोकन- 1 घंटे 3 मिनट
पास और PTO का अवलोकन- 28 मिनट 20 सेकंड
एब्सोल्यूट ब्लॉक सिस्टम- 46 मिनट 55 सेकंड
स्टेशन का वर्गीकरण- 43 मिनट 30 सेकंड
यात्री अनुभव सुधार 1- 1 घंटा 21 मिनट
रेलवे एक्ट की आवश्यकता भाग 1- 1 घंटा 20 मिनट
तनाव प्रबंधन- 25 मिनट
राजभाषा हिंदी- 23 मिनट
रेलवे कर्मयोगी कार्यक्रम- 7 घंटे 12 मिनट
ऑनलाइन प्रशिक्षण का एक प्लेटफॉर्म
दरअसल, जीओटी कर्मयोगी, सरकारी कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण का एक प्लेटफॉर्म है। इस प्लेटफार्म पर रेल कर्मचारियों को नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्लेटफार्म पर रेल कर्मचारियों को सेवा करने का इरादा विकसित करने और उनकी सेवा करने की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां से कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से प्रशिक्षण ले सकते है। इस प्लेटफार्म पर रेल कर्मचारियों को क्यूरेटेड कंटेंट के ज़रिए प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं उनके प्रदर्शन की निगरानी भी रखी जाती है। इस कोर्स के दौरान रेलवे कर्मचारियों के बीच चर्चा और नेटवर्किंग की सुविधा दी जाती है।