कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि वह गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले राफेल सौदे और जय शाह की सच्चाई को सामने नहीं लाना चाहते हैं। यही वजह है कि संसद के शीत सत्र को देरी से शुरू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वे मोदी जी से तीन सवाल पूछना चाहते हैं। क्या फ्रांसीसी कंपनी के साथ पहले और दूसरे सौदे में राफेल विमान की कीमत में कोई फर्क आया है?
क्या दूसरे सौदे के अनुसार भारत ने इस विमान के लिए पहले के मुकाबले कम या ज्यादा कीमत चुकाई है और क्या जिस उद्योगपति को यह कांट्रैक्ट दिया गया है, उसकी कंपनी ने कभी विमान बनाए हैं? इनसे भी बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार ने सौदा करते समय सभी स्थापित प्रक्रियाओं का पालन किया है? क्या सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी से इसकी मंजूरी ली गई थी?
मोदी जी से क्यों नहीं सवाल पूछता है मीडिया
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इन सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि उनके गृह राज्य में निर्णायक चुनाव से पहले सच्चाई सबसे सामने आ जाएगी।
उन्होंने कहा कि राफेल का मामला भारतीय वायु सेना, राष्ट्रीय सुरक्षा औरक शहीदों से जुड़ा है। मोदी जी को गुजरात और देश की जनता को इन सवालों का जवाब देना ही होगा।
उन्होंने मीडिया को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उनसे तो मीडिया ढेर सारे सवाल पूछते रहता है, लेकिन राफेल सौदे और जय शाह के मामले में मोदी जी से एक भी सवाल नहीं पूछता है।
मीडिया को सलाह दी कि मोदी जी गुजरात के कई दौरे करेंगे और इस दौरान उनसे इन दोनों मामलों से जुड़े सवाल पूछे जाने चाहिए। याद रहे कि प्रधानमंत्री सोमवार से गुजरात के दौरे पर रहेंगे।
राफेल सौदे में राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता
राहुल ने कहा कि आमतौर पर संसद का शीत सत्र नवंबर में शुरू होता है और लोकसभा एवं राज्यसभा में महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस होती है। लेकिन दो कारणों से संसद का यह सत्र गुजरात चुनाव के बाद शुरू हो रहा है।
पहला कारण हैं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह जिन्होंने महज तीन महीने में 50 हजार रुपये से 80 करोड़ रुपये की कमाई की है। दूसरा और ज्यादा महत्वपूर्ण कारण है राफेल सौदा।
इस सौदे से जुड़ी सभी बातें फाइनल होने के बाद मोदी खुद फ्रांस की यात्रा पर गए और कांट्रैक्ट को बदलवा दिया। कांग्रेस का आरोप है कि अपने नजदीकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए इस सौदे में राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया गया है। भाजपा ने सभी आरोपों को खारिज किया है।