प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इस दौरान कई अहम फैसले किए गए। इस दौरान केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आईटी हार्डवेयर क्षेत्र के लिए 17,000 करोड़ रुपये की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ सत्र के लिए 1.08 लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ सत्र के लिए 1.08 लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी को भी मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और अश्विनी वैष्णव ने बैठक के दौरान लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में इस साल 100 बिलियन डॉलर का उत्पादन इस वर्ष देश में हुआ है। इसके साथ ही पिछले साल 11 बिलियन डॉलर के मोबाइल का रिकॉर्ड निर्यात किया गया। 'PLI फॉर आईटी हार्डवेयर' को आज कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई है। टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में 42 कंपनियों ने पहले साल में 900 करोड़ रुपए का निवेश करना था उसकी जगह 1600 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि देश में 325 से 350 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपयोग होता है। 100 से 125 लाख मीट्रिक टन DAP और NPK को उपयोग होता है। 50-60 लाख मीट्रिक टन MOP का इस्तेमाल होता है। किसानों को समय पर खाद मिले इसके लिए मोदी सरकार ने सब्सिडी बढ़ाई पर MRP नहीं बढ़े। खरीफ फसलों के लिए सरकार ने तय किया है कि भारत सरकार खाद की कीमत नहीं बढ़ाएगी। भारत सरकार खरीफ सीजन की फसल के लिए सब्सिडी में 1 लाख 8 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।
भारत-मिस्र के प्रतिस्पर्धा नियामकों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) और मिस्र के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण के बीच के समझौते को मंजूरी दे दी। दोनों प्रतिस्पर्द्धा नियामकों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का मकसद सूचना के आदान-प्रदान, बेहतर गतिविधियों को साझा करना है। इसके साथ ही क्षमता निर्माण के लिए विभिन्न पहल के जरिये प्रतिस्पर्धा कानून और नीतियों के मामले में सहयोग को बढ़ावा देना और उसे मजबूत करना भी है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और इजिप्शियन कम्प्टीशन अथॉरिटी (ईसीए) के बीच समझौते को मंजूरी दी। इससे अंततः उपभोक्ताओं को बड़े पैमाने पर लाभ होगा और समावेश को बढ़ावा मिलेगा।
नीति आयोग संचालन परिषद की बैठक 27 मई को
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीति आयोग की संचालन परिषद की 27 मई को होने वाली बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में अर्थव्यवस्था, कृषि और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। संचालन परिषद नीति आयोग का शीर्ष निकाय है। इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। प्रधानमंत्री नीति आयोग के चेयरमैन हैं। आमतौर पर संचालन परिषद की पूर्ण बैठक साल में एक बार होती है। पिछले साल यह बैठक सात अगस्त को हुई थी।
सहकारिता क्षेत्र में 1100 नए कृषि उत्पादक संगठन स्थापित किए जाएंगे
केंद्र सरकार की योजना के तहत सहकारिता क्षेत्र में 1,100 नए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) स्थापित किए जाएंगे। कृषि मंत्रालय फरवरी 2021 से 6,865 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ 10,000 नए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन और उसे बढ़ावा देने की योजना चला रहा है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस योजना के तहत राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) को 1,100 अतिरिक्त एफपीओ स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक एफपीओ को 33 लाख रुपये की वित्तीय मदद प्रदान की गई है। इसके बाद 25 लाख रुपये की वित्तीय मदद प्रति एफपीओ संकुल आधारित व्यावसायिक संगठन (सीबीबीओ) को दी गई है।