केंद्र सरकार पर सीएम ममता बनर्जी का हमला
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कोलकाता में ईद के मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर जोरदार हमला बोला। रेड रोड पर ईद की नमाज के बाद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घुसपैठ के मुद्दे पर घेरा है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोगों के वोट देने के अधिकार को छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में संशोधन के नाम पर असली वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं, खासकर अल्पसंख्यक इलाकों में।
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'ये चुनाव लोकतंत्र और अधिकारों को बचाने की लड़ाई'
उन्होंने लोगों से कहा कि आने वाला विधानसभा चुनाव सिर्फ सत्ता का चुनाव नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और अधिकारों को बचाने की लड़ाई है। ममता ने साफ कहा कि वे अंत तक इस मुद्दे पर लड़ेंगी और उन्होंने इस मामले में अदालतों का भी दरवाजा खटखटाया है। ममता ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि वह देश में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि जब नेता विदेश जाते हैं तो दोस्ती की बात करते हैं, लेकिन देश लौटते ही लोगों को घुसपैठिया कहकर बांटने की कोशिश शुरू हो जाती है।
'बंगाल में अघोषित राष्ट्रपति शासन जैसा माहौल'
उन्होंने केंद्र पर यह भी आरोप लगाया कि बंगाल में अघोषित राष्ट्रपति शासन जैसा माहौल बना दिया गया है, लेकिन उनकी सरकार डरने वाली नहीं है। अपने भाषण में ममता बनर्जी ने बंगाल की एकता पर जोर दिया और कहा कि यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी मिलकर रहते हैं और किसी को भी इस एकता को तोड़ने नहीं दिया जाएगा।
अभिषेक बनर्जी ने भी बोला हमला, भाजपा का पलटवार
इस मौके पर टीएमसी के नेता अभिषेक बनर्जी ने भी कहा कि बंगाल की सांप्रदायिक एकता की रक्षा की जाएगी और जो लोग समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, वे सफल नहीं होंगे। वहीं भाजपा ने ममता के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए ऐसे शब्द इस्तेमाल करना गलत है और इससे संवैधानिक पद की गरिमा गिरती है।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
- सीटें: 294, बहुमत: 148 - 4 मई को नतीजे
- पहला चरण (152 सीटें) - मतदान- 23 अप्रैल
- दूसरा चरण (142 सीटें)- मतदान- 29 अप्रैल
बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए इस बार मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है। टीएमसी जहां चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। ऐसे में वोटर लिस्ट, घुसपैठ और वोटिंग अधिकार जैसे मुद्दे चुनाव के केंद्र में आ गए हैं।
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