भारतीय सेना के अगले उपप्रमुख का पद संभालने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल चंडी प्रसाद मोहंती ने बल के आधुनिकीकरण की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान के संयुक्त खतरे से निपटने के लिए सेना को अपनी क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है।
मौजूदा समय में भारत के सामने सीमा पर चीन और पाकिस्तान से एक ही समय पर निपटना बड़ी चुनौती है। लेफ्टिनेंट जनरल मोहंती लेफ्टिनेंट फिलहाल दक्षिणी कमान के प्रमुख हैं। वह जनरल एसके साहनी की जगह लेंगे, जो 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होंगे।
लेफ्टिनेंट जरनल मोहंती ने बुधवार को सैनिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में कहा, सीमा पर चीन और पाकिस्तान के खतरे को देखते हुए हमें आधुनिकीकरण में तेजी लाने, तकनीकी प्रगति हासिल करने और दोनों मोर्चों पर एक साथ सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
इस कारण हमें क्षमता विकास, बुनियादी ढांचा विकास, बेहतर हथियार प्रणाली और बेहतर संचार की खरीद करनी होगी। दुनिया भर में युद्ध के मैदानों की प्रकृति तेजी से बदल रही है।
मौजूदा समय में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना संख्या बल बढ़ाने पर जोर नहीं दे रहे हैं, बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास और आधुनिकता पर जोर दे रहे हैं। सेना उपप्रमुख का कार्यभार संभालने के बाद मेरी प्राथमिकता आधुनिकीकरण को आगे ले जाना और बल की क्षमता बढ़ाना होगी।
पीएम मोदी से मिल रहा अपार समर्थन
लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा, चीन बड़े पैमाने पर सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है, वहीं पाकिस्तान की भी मदद कर रहा है। हम भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे है। सबसे अहम है कि हमे हमारे पीएम नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री से अपार समर्थन मिल रहा है।