व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम को बंद करने के मुद्दे पर टेलीकॉम कंपनियों ने असमर्थता जताई है लेकिन टेलीकॉम कंपनियों के जवाब से हालांकि दूरसंचार विभाग सहमत नहीं है।
उसका मानना है कि इन प्लेटफार्म के ऐप बंद करने के उपाय बाजार में मौजूद है। ऐसे में वह कंपनियों के सिस्टम अपग्रेड करने का निर्देश जल्द जारी करेगा। सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों की मांग पर सेवा प्रदाता कंपनियों से इस मसले पर विकल्प तलाश कर पक्ष रखने को कहा था।
दूरसंचार विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों ने व्हाट्सऐप समेत अन्य मोबाइल ऐप पर रोक लगाने के मुद्दे पर अपना जवाब दिया है। इसमें उन्होंने स्पष्ट तौर पर हाथ खड़े कर दिए हैं। जल्द ही उन्हें सिस्टम को अपग्रेड करने को कहा जाएगा।
दरअसल बाजार में ऐसे तमाम तकनीकी उपाय मौजूद हैं जिनके जरिए इन प्लेटफार्म के मोबाइल ऐप को बंद किया जा सकता है। लेकिन टेलीकॉम कंपनियों शायद इस मामले में थोड़ा पीछे चल रही है जिसकी वजह से उन्होंने जवाब में इस काम को अंजाम देने में असमर्थ होने की बात कही है।
याद रहे कि हाल ही में देश के विभिन्न टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनियों को पत्र लिखकर सरकार ने इन प्लेटफार्म के ऐप ब्लॉक करने पर राय मांगी थी। इससे पहले आईटी मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने जरूरत पड़ने पर व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे ऐप पर रोक लगाने की मांग रखी थी।
दरअसल इन प्लेटफार्म के जरिए कई मौकों पर फर्जी संदेशों के प्रसारित होने के चलते देश के विभिन्न हिसों में हिंसक घटनाएं हुई है। इसी वजह से एजेंसियां जरूरत पड़ने पर इन पर रोक लगाने की मांग रखी।
बाजार में मौजूद हैं एप बंद करने के उपाय
दूरसंचार विभाग के मुताबिक बाजार में उपलब्ध चेक प्वाइंट, फोर्टीनेट के जरिए रोका जा सकता है। ऐसे में कंपनियों को सिस्टम अपग्रेड करने का निर्देश पूरी तैयारी के साथ जारी किया जाएगा। इसमें करीब एक माह का वक्त लगेगा।
मौजूदा समय ऑनलाइन ऐप्लीकेशन ब्लॉक करने का आदेश आईटी अधिनियम की धारा 63 के तहत साइबर सुरक्षा पर बनी अधिकारियों की समिति और कोर्ट ही दे सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां सीधे तौर पर ब्लॉक करने का अधिकार नहीं मिला है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था समेत अन्य सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है।