परप्रांतीय विरोध की राजनीति करने वाले राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने फिर गुंडागर्दी शुरू कर दी है। शनिवार को मनसे के कार्यकर्ताओं ने ठाणे और कल्याण रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर अवैध फेरीवालों को जमकर पीटा और उनके समान फेंक दिए।
इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। हालांकि खानापूर्ति के लिए पुलिस ने मनसे के सात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
एलफिंस्टन रोड (प्रभादेवी) पुल हादसे के बाद राज ठाकरे ने चेतावनी दी थी कि अगर 15 दिनों में रेलवे स्टेशन या पुलों पर फेरीवालों को नहीं हटाया गया तो मनसे अपने स्टाइल में उन्हें सबक सिखाएगी।
अल्टीमेटम की समयावधि समाप्त होने के बाद शनिवार की सुबह ठाणे शहर मनसे अध्यक्ष अविनाश जाधव और प्रमुख संदीप पंचांगे के नेतृत्व में मनसे के कार्यकर्ता ठाणे रेलवे स्टेशन के आसपास झंडे और डंडे लेकर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने फेरीवालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और उनके समान को फेंक दिया।
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इसी तरह कल्याण रेलवे स्टेशन परिसर में भी फेरीवाले पीटे गए। अचानक हुए इस हंगामे के कारण कुछ देर के लिए रेलवे स्टेशन पर भगदड़ की स्थिति बन गई। लेकिन, पुलिस मौन बनी रही। इस संबंध में ठाणे पुलिस की प्रवक्ता इंस्पेक्टर सुखदा नारकर ने कहा कि नगर पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। फिलहाल किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
भुखमरी के कगार पर पांच हजार फेरीवाले
रेलवे पुलिस ने पश्चिम और मध्य रेलवे स्टेशन परिसर में फेरीवालों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इससे चर्चगेट से सूरत, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से कर्जत और कोकण रेलवे के स्टेशनों पर धंधा करने वाले करीब पांच हजार फेरीवाले भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। इनमें अधिकांश फेरीवाले उत्तर प्रदेश और बिहार के हैं।
सरकार और मनसे की मिलीभगत से फेरीवालों की पिटाई
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने कहा कि मनसे कार्यकर्ताओं को कानून हाथ में लेने से रोकने के लिए कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए गए। इससे साफ है कि फडणवीस सरकार और राज ठाकरे में मिलीभगत है।