महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के एक कार्यकर्ता ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली जबकि पार्टी ने दावा किया है कि यह कार्यकर्ता मनसे प्रमुख राज ठाकरे को आईएल एंड एफएस घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भेजे गए नोटिस की वजह से ‘परेशान’ था।
ठाणे पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान प्रवीण चौगले (27) के रूप में हुई है। उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ठाकरे ने ट्विटर पर जारी बयान में कहा कि उन्हें इससे गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस तरह का कोई अतिवादी कदम नहीं उठाने की अपील की है।
मनसे प्रमुख ने कहा, प्रवीण चौगले की मौत की के बारे में जानकर मुझे बहुत दुख हुआ। उन्होंने ईडी द्वारा मुझे नोटिस भेजे जाने की खबर से परेशान होकर यह कदम उठाया। ऐसा नहीं होना चाहिए था। उनकी आत्मा को शांति मिले।
ठाकरे ने कहा, मैं दोहराता हूं कि हमें ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाना चाहिए, जो आम लोगों के लिए परेशानी पैदा करे और जिससे किसी निजी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हो। मनसे की ठाणे इकाई के प्रवक्ता नयनेश पाटनकर ने आरोप लगाया कि चौगुले यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि वह राज ठाकरे को दिए गए ईडी के नोटिस से अवसादग्रस्त एवं क्रोधित था।
उसने अपनी जान देने से पहले अपनी भावनाओं को फेसबुक पर अभिव्यक्त किया था। उधर, पुलिस ने कहा कि आत्महत्या के पीछे की वजह जानने के लिए जांच की जा रही है।
पुलिस उप निरीक्षक महेश कावड़े ने कहा कि प्रवीण चौगुले को शराब की लत थी और वह अवसादग्रस्त भी था। कावड़े ने कहा कि चौगले ने मंगलवार को कलवा टाउनशिप क्षेत्र में अपने घर में कथित तौर पर केरोसीन तेल छिड़ककर आग लगा ली।