मस्जिदों में लाउडस्पीकर के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे के भाषण को लेकर उनके खिलाफ औरंगाबाद पुलिस की ओर से मामला दर्ज किए जाने के बाद, मनसे कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर हमारे पार्टी प्रमुख के खिलाफ अब आगे कोई कार्रवाई हुई तो हम सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
मनसे की ठाणे इकाई के जिला अध्यक्ष अविनाश जाधव ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आलोचना की। जाधव ने दावा किया कि सबसे पहले मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग उठाने वाले व्यक्ति शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे थे। लेकिन उनके बेटे (उद्धव ठाकरे) ने इसी मांग के लिए राज ठाकरे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एक मई को औरंगाबाद में हुई एक रैली के दौरान राज ठाकरे ने लोगों से कहा था कि अगर मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटाए जाते हैं तो चार मई से मस्जिदों के बाहर हनुमान चालीसा बजाना शुरू कर दें। इसे लेकर औरंगाबाद पुलिस ने मंगलवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे और रैली आयोजकों के खिलाफ आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
'गिरफ्तारी हुई तो सड़कों पर उतरेंगे मनसे कार्यकर्ता'
इसे लेकर जाधव ने कहा कि इसी की उम्मीद की जा सकती है क्योंकि रैली के आयोजन की अनुमति देने के लिए ये लोग (सरकार) हमें जिस तरह परेशान कर रहे थे, वो राज ठाकरे के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहते थे। अगला कदम उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। लेकिन हमारा उद्देश्य पूरी तरह सामाजिक है। उन्होंने कहा, 'मनसे कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे... इस सरकार को इसकी जगह दिखाने के लिए हर हिंदू भी ऐसा ही करेगा।'
वहीं, मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि हमारी पार्टी को पहले से यह पता था कि राज ठाकरे के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा, क्योंकि रैली के लिए तय की गई स्थितियां बहुत सख्त थीं। देशपांडे ने कहा कि सरकार हमारे कार्यकर्ताओं का संघर्ष सड़कों पर देखेगी। हम मुकदमों से नहीं डरते हैं। ये कार्रवाई हमें डराने के लिए की गई है, लेकिन हम उनसे डरने वाले नहीं हैं, हम विरोध करेंगे।