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MNS: पार्टी पंजीकरण रद्द करने के लिए दायर याचिका पर भड़की मनसे, कहा- क्षेत्रीय दलों को खत्म करना चाहती भाजपा

Tue, 08 Apr 2025 06:07 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे - फोटो : पीटीआई
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक व्यक्ति द्वारा पार्टी का पंजीकरण रद्द करने को लेकर दायर की गई याचिका पर कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने कहा कि अब उन्हें यह विचार करना होगा कि क्या उत्तर भारतीयों को राज्य में रहने की अनुमति दी जानी चाहिए? मनसे के प्रवक्ता और मुंबई अध्यक्ष संदीप देशपांडे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म करने की साजिश करने का आरोप लगाया।
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दरअसल उत्तर भारतीय विकास सेना से जुड़े सुनील शुक्ला ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। जिसमें उन्होंने मनसे के पंजीकरण को रद्द करने की मांग की है। सुनील शुक्ला ने कहा कि मनसे न सिर्फ उत्तर भारतीयों के खिलाफ है, बल्कि हिंदुओं के खिलाफ भी है, क्योंकि मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा जिन बैंक अधिकारियों पर हमला किया था, वे भी हिंदू थे।

मनसे के प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने अपनी पोस्ट में लिखा, एक अजीब 'भैया' (उत्तर भारतीय) ने कोर्ट में जाकर मनसे के पंजीकरण को रद्द करने की याचिका दायर की है। अगर उत्तर भारतीय एक पार्टी को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं जो मराठी मानुष के लिए काम करती है, तो हमें सोचना होगा कि क्या उन्हें मुंबई और महाराष्ट्र में रहने की अनुमति दी जानी चाहिए?

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भाजपा पर भड़की मनसे
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उन्होंने यह भी कहा, यह भाजपा का काम है, जो क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म करना चाहती है। वे यह काम अपने चमचों के जरिए कर रहे हैं। हमें उनसे डर नहीं लगता।  वहीं शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि मनसे या किसी अन्य पार्टी का यह कहना कि महाराष्ट्र में लोग मराठी बोलें, यह गलत नहीं है। हालांकि बैंक अधिकारियों पर हमले को उन्होंने गलत बताया और पार्टी से इस पर कार्रवाई की मांग की।

मराठी भाषा को लेकर शुरू हुई विवाद
बता दें कि पिछले सप्ताह मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं से यह आह्वान किया था कि वे बैंक और अन्य संस्थानों में मराठी बोलने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को फिलहाल रोक दें, क्योंकि इस मुद्दे पर पर्याप्त जागरूकता बनाई जा चुकी है।

वहीं दूसरी ओर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर कहा था कि मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा बैंक शाखाओं में जाकर कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है। 30 मार्च को अपने गुड़ी पड़वा रैली में राज ठाकरे ने कहा था कि सरकारी कार्यों में मराठी भाषा को अनिवार्य बनाने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि जो जानबूझकर मराठी नहीं बोलेंगे, उन्हें "थप्पड़" मारा जाएगा।
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