महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे का अयोध्या दौरा रद्द हो गया है। वह पांच जून को अयोध्या के दौरे पर जाने वाले थे, लेकिन अब वह अयोध्या नहीं आएंगे। ठाकरे ने इस बात की जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर दी। उन्होंने बताया कि वह 22 मई की सुबह पुणे में होने वाली अपनी रैली में इस बारे में बात करेंगे। बता दें मनसे प्रमुख का यह दौरा उस समय रद्द हुआ है, जब सामने आया है कि उनकी तबीयत खराब चल रही है।
भाजपा सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने दी थी चेतावनी
हाल ही में भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राज ठाकरे की प्रस्तावित अयोध्या यात्रा का विरोध किया था। उन्होंने चेताते हुए कहा था कि जब तक वह उत्तर भारतीयों से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांग लेंगे, तब तक उन्हें उत्तर प्रदेश की धरती पर कदम भी नहीं रखने दिया जाएगा। आगामी पांच जून को मनसे प्रमुख राज ठाकरे की अयोध्या यात्रा प्रस्तावित थी।
उत्तर भारतीयों के साथ कथित तौर पर मारपीट का है आरोप
गौरतलब है कि राज ठाकरे पर 2008 में 'मराठी मानुस' के समर्थन में आंदोलन के दौरान रेलवे की परीक्षा देने के लिए मुंबई के कल्याण पहुंचे उत्तर भारतीयों के साथ कथित तौर पर मारपीट का आरोप है। पिछले महीने महाराष्ट्र में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर राजठाकरे ने आवाज बुलंद की थी।
राउत ने कहा, शिवसेना से मांगते मदद
राज ठाकरे का अयोध्या दौरा स्थगित होने पर शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने तंज करते हुए कहा कि अगर शिवसेना से मदद मांगते तो हम जरूर सहयोग करते। राउत ने कहा कि अयोध्या और उत्तर प्रदेश में शिवसेना को मानने वाले काफी लोग हैं। भाजपा महाराष्ट्र के नेताओं का इस्तेमाल करती है, लेकिन लोगों को बाद में इसका एहसास होता है।
एक जून से 31 जुलाई तक समुद्र में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध
इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने एक जून से 31 जुलाई के बीच समुद्र में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि प्रजनन के लिए समुद्र तट के पास आने वाली अधिक से अधिक मछलियों का जीवन बचाया जा सके। महाराष्ट्र समुद्री मत्स्य विनियमन अधिनियम, 1981 के तहत इस फैसले की हाल में घोषणा की गई। इस कानून के तहत राज्य के तट से 12 समुद्री मील की दूरी तक मशीन से मछली पकड़ने पर रोक है। महाराष्ट्र सरकार हर साल ऐसा प्रतिबंध लगाती है। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। जून और जुलाई के दौरान समुद्र अशांत रहता है। यह मछलियों की कई प्रजातियों के प्रजनन की अवधि होती है। अधिकारी ने बताया कि पारंपरिक मछुआरे, जिनकी नावों में इंजन नहीं है, या जो मशीन वाले जाल नहीं लगाते, उन्हें प्रतिबंध से छूट दी गई है।