मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे का मुंबई के आजाद मैदान में अनशन जारी है। मुंबई पुलिस ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन की अनुमति एक और दिन के लिए बढ़ा दी है। वहीं, जरांगे ने उनसे मिलने आए सरकारी प्रतिनिधिमंडल को नजरअंदाज कर दिया। इस बीच, सांगली जिले से राकांपा (शपा) विधायक रोहित पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार से आंदोलनकारियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
जरांगे की भूख हड़ताल के दूसरे दिन, धरना स्थल और उसके आसपास यातायात बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ के कारण वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई। कुछ प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर नहाते भी देखा गया।
जरांगे ने सीएम फडणवीस की आलोचना की
मराठा नेता जरांगे ने समुदाय को आरक्षण देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए गठित एक समिति के अध्यक्ष, सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप शिंदे को बातचीत के लिए भेजने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की। आंदोलन जारी रखने का संकल्प लेते हुए जारंगे ने कहा, 'मराठों को आरक्षण देने की घोषणा करने वाला सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी करना न्यायमूर्ति शिंदे का काम नहीं है।'
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समाधान ढूंढने की कोशिश कर रही सरकार: सीएम फडणवीस
वहीं, सीएम फडणवीस ने दोहराया कि सरकार सांविधानिक और कानूनी ढांचे के भीतर समाधान ढूंढने की कोशिश कर रही है। वहीं, राकांपा (शपा) अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि समग्र आरक्षण की सीमा बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन जरूरी है।
मराठों को 10 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे जरांगे
दरअसल, जरांगे ओबीसी श्रेणी के तहत मराठों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए- एक कृषि प्रधान जाति जो ओबीसी श्रेणी में शामिल है, जिससे वे आरक्षण के पात्र बनेंगे, हालांकि ओबीसी नेता इसका विरोध कर रहे हैं। कार्यकर्ता, जिन्होंने पहले सात मौकों पर भूख हड़ताल की थी, ने कहा है कि यह समुदाय की 'अंतिम लड़ाई' है।
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लोगों को बुनियादी सुविधाएं देना सरकार की जिम्मेदारी: पाटिल
इस बीच, राकांपा (शपा) विधायक रोहित पाटिल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा, 'राज्य में मराठा समुदाय का आरक्षण आंदोलन जारी है और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी आजाद मैदान में जमा हुए हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखना और अपनी आवाज उठाने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है।'
मामले को गंभीरता से ले सरकार
रोहित पाटिल तासगांव-कवठे महांकाल निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि प्रदर्शनकारियों को असुविधा से बचाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मामले को गंभीरता से लेने और संवेदनशीलता से काम करने की भी अपील की।