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और विधायक बनने के बाद घट गई इनकी संपति

Fri, 10 Mar 2017 03:41 PM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
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- फोटो : amar ujala
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विधायक या मंत्री बनने के बाद जनप्रतिनिधियों की संपत्ति में इजाफा होते तो आपने खूब सुना होगा लेकिन अगर इसका उल्टा हो और संपति बढ़ने की बजाय घटने लगे तो आप क्या कहेंगे। जी हां, यूपी के विधानसभा चुनावों में यह करिश्मा भी खूब हुआ है जब पिछले चुनावों के मुकाबले विधायकों और मंत्रियों की संपत्ति बढ़ने के बजाय घट गई। यहां तक की कुछ की तो घटकर आधी रह गई। जानिए ऐसे ही नेताओं के बारे में।
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पीस पार्टी के विधायक डॉ. मोहम्मद अय्यूब की संपत्ति 2012 में 18 करोड़ 65 लाख थी, लेकिन 2017 में इनकी संपत्ति तीन करोड़ 45 लाख रुपये रह गई। यानी विधायक बनने के बाद डॉ. अय्यूब को 15.20 करोड़ का घाटा हुआ। 

वहीं बसपा के विधायक नूर सलीम राना की संपत्ति में भी गिरावट आई है। मुजफ्फरनगर से विधायक नूर सलीम की संपत्ति 2012 में 19.14 करोड़ थी जो 2017 में 14.41 करोड़ रुपये रह गई। 
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मंत्रियों की भी घट गई संपत्ति

- फोटो : amar ujala
सपा विधायक रेहान की सपंत्ति भी पांच साल विधायक रहने के बाद आधी रह गई। 2012 में इनकी संपत्ति जहां 5.72 करोड़ थी, वहीं 2017 में यह 2 करोड़ रह गई। सपा के ही तसलीम अहमद की संपत्ति भी पांच साल विधायक रहने के बाद एक तिहाई बची है। 2012 में तसलीम की कुल संपत्ति 3.26 करोड़ थी जो अब 1.14 करोड़ रुपये रह गई। 

सिर्फ विधायक ही नहीं, कई मंत्रियों की भी संपत्ति पिछले पांच साल में कम हो गई। सपा विधायक और मंत्री फरीद महफूज किदवई की संपत्ति 2012 में 3.52 करोड़ थी, जो अब 3.07 करोड़ रुपये रह गई है। एक और मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की संपत्ति में भी पिछले चुनाव के मुकाबले साढ़े 18 लाख रुपये की कमी आई है। 
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