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EXIT POLL: सपा-बसपा के करीब आने के सवाल पर चुप्पी तोड़ने लगे हैं नेता

Fri, 10 Mar 2017 02:59 PM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
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अखिलेश यादव - फोटो : reuters
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एग्जिट पोल के नतीजों को राहुल गांधी, अखिलेश यादव, राज बब्बर और रामगोपाल यादव समेत कई नेताओं ने सिरे से खारिज कर दिए। गुरूवार को आए एक्जिट पोल के नतीजों के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने चुप्पी तोड़ी। राहुल गांधी ने स्पष्ट ‌कहा कि वह एक्जिट पोल पर किसी भी तरह की कोई राय नहीं देंगे। हालांकि उन्होंने एक्जिट पोल के परिणाम बीजेपी के पक्ष में आए नतीजों पर कहा कि बिहार जैसा ही हाल होगा।
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सपा के महासचिव नरेश अग्रवाल ने कहा है कि राजनीति में कोई स्‍थाई दोस्त या दुश्मन नहीं होता। उन्होंने कहा कि हम बहुमत से जीत रहे हैं और जिसने भी हमारे खिलाफ साजिश की इसका खुलाशा कल 11 तारीख को होगा।
  Hum bahumat se jeet rahe hain aur kis kis ne humare khilaaf saazish ki, iska khulasa 11 tareek ke baad karenge:Naresh Agarwal,SP pic.twitter.com/Ypriwr4zMj — ANI UP (@ANINewsUP) March 10, 2017
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  Our alliance is winning, such exit polls we saw in Bihar also. Will talk tomorrow: Rahul Gandhi pic.twitter.com/C1uP6QycN5 — ANI UP (@ANINewsUP) March 10, 2017
उत्तराखंड सीएम हरीश रावत ने एग्जिट पोल के नतीजों को खारिज करते हुए कहा कि हम फिर से पूर्ण बहुमत के साथ जीतेंगे।
  We will win again and with full majority: Uttarakhand CM Harish Rawat pic.twitter.com/RlFRsqG41c — ANI (@ANI_news) March 10, 2017


 मालूम हो कि एक्जिट पोल कांग्रेस के पक्ष में नहीं रहे हैं।  शुक्रवार को आए एक्जिट पोल के परिणाम बीजेपी के पक्ष में गए। पंजाब को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में बीजेपी को बहुमत मिलता दिखाया जा रहा है। 

एग्जिट पोल के नतीजों पर यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि सपा और कांग्रेस का गठबंधन हर हाल में सरकार बनाने जा रहा है। एक्जिट पोल पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। 

नरेश अग्रवालः नरेश अग्रवाल ने कहा कि हमारा गठबंधन हर हाल में सरकार बनाने जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि सांप्रदायिक ताकतों का दूर रखने के लिए
यदि जरुरी हुआ तो बसपा से समझौता भी किया जा सकता है। 

रामगोपाल बोले- 'दबाव में बदले गए मूल एक्जिट पोल, हमारी बन रही सरकार'
न्यूज चैनलों के एक्जिट पोल में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के आंकड़े दिखाये जाने पर सपा नेता रामगोपाल यादव ने बड़ा बयान दिया है। रामगोपाल ने कहा कि मेरे पास जानकारी है कुछ दिनों पहले चैनलों के दबाव में मूल एक्जिट पोल को बदल दिया गया था। हम सौ प्रतिशत चुनाव जीतने वाले हैं।

रामगोपाल का यह भी कहना है कि सपा-कांग्रेस गठबंधन की सरकार यूपी में बनने जा रही है। इससे पहले गुरुवार को सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव गठबंधन के पक्ष में खुलकर सामने थे और सरकार बनने दावा भी किया था। मुलायम सिंह यादव ने गुरुवार को कहा कि नतीजे हैरान करने वाले होंगे।


सट्टा बाजार में भी बीजेपी की जीत

मुंबई और राजस्थान के चुरू स्थित सट्टा बाजार में सबसे ज्यादा दांव भाजपा पर लगाया जा रहा है। हालांकि यूपी में पहले चरण के चुनाव तक सपा-कांग्रेस गठबंधन आगे थी लेकिन उसके बाद भाजपा ने सभी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया।

चुरू के अंडरग्राउंड सट्टा बाजार के मुताबिक यूपी चुनाव में भाजपा को 190-193 सीटें मिल सकती हैं, जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन को 125-128 सीटे मिलने की संभावना बताई जा रही है। बसपा 65 से 67 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रहेगी।

वहीं विधानसभा चुनावों के एक्जि‌ट पोल में बीजेपी को बढ़त मिलने के बाद यूपी में सपा के बसपा से हाथ मिलाने की संभावना पर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। खबरों के मुताबिक मायावती और अखिलेश यादव को एक साथ लाने के लिए पर्दे के पीछे से कांग्रेस और जेडीयू कई महीनों से कोशिश कर रही है।

हिंदी अखबार नवभारत टाइम्स अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के एक करीबी वरिष्ठ नेता बीते दो महीनों से मायावती और अखिलेश को साथ लाने के लिए कोशिशें कर रहें हैं। नीतिश कुमार और कांग्रेसी नेता इसके लिए दो महीनों में दो बार बात भी कर चुके हैं।

दूसरी ओर यूपी के एक्जि‌ट पोल में भाजपा को बढ़त मिलती देख अखिलेश यादव और मायावती के सुर बदलने लगे हैं। जहां अखिलेश यादव ने इशारों में मायावती से हाथ तक मिलाने की बात कर डाली, वहीं मायावती ने भी सीधे तौर पर इनकार न करते हुए 11 मार्च के बाद उस पर जवाब देने की बात कही। 

Read also- नए समीकरण: अखिलेश ने कहा- मिला सकते हैं हाथ, माया बोलीं-सोचेंगे

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि सपा और बसपा के बीच पूर्व में कड़वाहट को देखते हुए इनके बीच किसी तरह के गठबंधन को असंभव माना जाता रहा है, लेकिन सपा का नेतृत्व मुलायम के हाथों से निकल अखिलेश के हाथों में आने से इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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'मोदी के खिलाफ गठबंधन खड़ा करना जरूरी'

नितीश कुमार की पार्टी जेडीयू के वरिष्ठ नेता, केसी त्यागी ने बताया कि जेडीयू मोदी के खिलाफ बड़ा गठबंधन बनाने के पक्ष में हैं, इसके लिए जरूरी है कि विपक्षी दलों के वोटों का बिखराव रोका जाए, अगर ऐसा नहीं हुआ तो मोदी को रोकना मुश्किल हो जाएगा।

वहीं सपा नेता नरेश अग्रवाल ने बसपा से गठबंधन पर सफाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि वो भाजपा को यूपी में आने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वो बसपा से हाथ मिला लेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश ने बसपा या फिर मायावती का नाम नहीं लिया है। इसका उल्टा-सीधा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।
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