मिजोरम की राजधानी आइजोल में राज्य का पहला चार सितारा या उससे उच्च श्रेणी का होटल विकसित करने की दिशा में मंगलवार को बड़ा कदम उठाया गया। राज्य सरकार के पर्यटन विभाग और शिलांग स्थित होटल पोलो टावर्स लिमिटेड के बीच चालटलांग टूरिस्ट लॉज के पुनर्विकास के लिए रियायत (कंसेशन) समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित की जाएगी।
मिजोरम सार्वजनिक खरीद नियम, 2020 के तहत पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। मई 2025 में ई-टेंडर जारी किया गया, जिसमें होटल पोलो टावर्स लिमिटेड एकमात्र बोलीदाता रही। तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद कंपनी को परियोजना के लिए चुना गया। समझौते के तहत होटल पोलो टावर्स लिमिटेड होटल का डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन, प्रबंधन और रखरखाव करेगी। परियोजना की प्रारंभिक रियायत अवधि 30 वर्ष होगी, जिसे शर्तों के आधार पर दो-दो बार 10-10 वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकेगा। समझौते पर हस्ताक्षर के 45 दिनों के भीतर परियोजना स्थल कंपनी को सौंप दिया जाएगा।
प्रस्तावित होटल में शुरुआती चरण में कम से कम 60 कमरे होंगे, जिन्हें भविष्य में बढ़ाकर 100 तक किया जा सकेगा। होटल में 24 घंटे खुला रहने वाला मल्टी-कुजीन कॉफी शॉप, स्पेशियलिटी रेस्तरां, लाउंज, जिम और स्पा सहित आधुनिक स्वास्थ्य क्लब जैसी सुविधाएं होंगी। परियोजना को भविष्य में पांच सितारा होटल में उन्नत किए जाने की संभावना को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। होटल पोलो टावर्स लिमिटेड पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख होटल समूहों में शामिल है। कंपनी वर्तमान में नौ होटलों का संचालन कर रही है, जबकि सात अन्य परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड सरकारों तथा भारतीय रेल के साथ पीपीपी परियोजनाएं भी शामिल हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि यह परियोजना मिजोरम के पर्यटन बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा और राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।