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Mizoram: सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट ने एचपीसी के साथ गठबंधन किया, चुनाव से पहले किलेबंदी की कवायद तेज

Sat, 14 Oct 2023 10:56 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल

सार

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले किलेबंदी का दौर जारी है। पूर्वोत्तर भारतीय प्रदेश- मिजोरम में सत्तारूढ़ एमएनएफ ने अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एचपीसी (आर) के साथ गठबंधन किया है।
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Mizoram Election 2023 - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारियां हो रही हैं। इसी बीच मिजोरम में सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और एचपीसी पार्टी के एक धड़े- हमार पीपुल्स कन्वेंशन (रिफॉर्मेशन) के बीच गठबंधन हुआ है। सात नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले शनिवार को हुआ गठबंधन अहम माना जा रहा है। गठबंधन के लिए एक समझौते पर एमएनएफ महासचिव लालमुअनथांगा फनाई और एचपीसी (आर) महासचिव एचटी वुंगा ने हस्ताक्षर किए।
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हमार का वोट बैंक बेहद मजबूत
समझौते के अनुसार, दोनों पार्टियां आगामी विधानसभा चुनावों में एक साथ काम करेंगी। एचपीसी (आर) पूर्ण समर्थन देगी। पार्टी यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि हमार लोग जिन तीन इलाकों- तुइवावल, चालफिल और सेरलुई में हमार का मजबूत वोट बैंक हैं, वहां एमएनएफ उम्मीदवार जीत सकें। तीनों सीट सिनलुंग हिल्स काउंसिल क्षेत्र के तहत आती हैं।

पांच साल पहले हुआ समझौता लागू करेंगे
दोनों पार्टियों के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर एमएनएफ सत्ता बरकरार रखती है, तो तत्कालीन मिजोरम सरकार पांच साल पुराने समझौते का लागू करने का प्रयास करेगी। पार्टी ने कहा है कि पूर्ववर्ती भूमिगत संगठन- हमार पीपुल्स कन्वेंशन (डेमोक्रेटिक) के बीच 2018 के समझौता ज्ञापन (एमओएस) को लागू करने के लिए कदम उठाएगी।
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नौकरियों सहित पुनर्वास का भी वादा
दोनों दलों के बीच हुए समझौते में कहा गया है कि अगर एमएनएफ सत्ता में लौटती है, तो सरकार उग्रवाद के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों की जिम्मेदारियां उठाएगी। पार्टी इन लोगों के परिवारों और एचपीसी (डी) के पूर्व कैडरों को नौकरियों सहित पुनर्वास और अन्य कल्याणकारी लाभ प्रदान करेगी।

पहले भी हुए हैं अहम राजनीतिक गठबंधन
समझौते के अनुसार, सरकार सिनलुंग हिल्स काउंसिल को विकसित करने के लिए एक विशेष पैकेज भी देगी। दोनों पार्टियां अगले साल होने वाले स्थानीय चुनावों में भी गठबंधन करेंगी। इससे पहले अगस्त में, रोरिंगा के नेतृत्व वाले एक अन्य एचपीसी गुट ने आगामी विधानसभा चुनावों में एक साथ काम करने के लिए मिजोरम में मुख्य विपक्षी दल, ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के साथ चुनावी गठबंधन बनाया था।

29 साल पहले कांग्रेस सरकार के साथ शांति समझौता
एचपीसी पार्टी के नेताओं के एक वर्ग ने 1989 और 1994 के बीच पांच वर्षों के लिए हथियार उठाए थे। मणिपुर से सटे मिजोरम के उत्तरपूर्वी हिस्से में हमार-बहुल क्षेत्रों से एक स्वायत्त जिला परिषद बनाने की मांग की थी। विद्रोही संगठन ने 1994 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप हमार लोगों के लिए एक विकास परिषद का जन्म हुआ।

हमार लोगों के लिए एसएचसी का जन्म
विकास परिषद से नाखुश, एचपीसी की एक शाखा, एचपीसी (डी) ने अप्रैल 2018 में मिजोरम सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने तक विद्रोही आंदोलन जारी रखा। 2018 शांति समझौते के कारण हमार लोगों के लिए सिनलुंग हिल्स काउंसिल (SHC) का जन्म हुआ।

31 गावों को कवर करती हैं तीन विधानसभा सीटें
परिषद में 12 निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिसमें मिजोरम के हमार-प्रभुत्व वाले पूर्वोत्तर भाग के 31 गांव शामिल हैं। इसमें तीन विधानसभा सीटें- सेरलुई, तुइवावल और चालफिलह शामिल हैं।
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