दोनों राज्यों के बीच सीमा वार्ता दोपहर ढाई बजे आइजोल के आइजल क्लब में होगी। एक अधिकारी ने कहा कि मिजोरम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्री लालचमलिआना करेंगे जबकि असम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वहां के सीमा सुरक्षा और विकास मंत्री अतुल बोरा करेंगे।
मिजोरम और असम के बीच दशकों से चले आ रहे अंतरराज्यीय सीमा विवाद को सुलझाने के लिए दोनों ही राज्यों के मंत्रियों के बीच आज वार्ता होगी। मिजोरम के गृह विभाग के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। गृह विभाग के अधिकारी ने कहा कि मिजोरम और असम का प्रतिनिधिमंडल दशकों पुराने सीमा विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने के लिए मंगलवार को बातचीत करेगा।
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उन्होंने बताया कि सीमा वार्ता दोपहर ढाई बजे आइजोल के आइजल क्लब में होगी। उन्होंने कहा कि मिजोरम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्री लालचमलिआना करेंगे जबकि असम प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वहां के सीमा सुरक्षा और विकास मंत्री अतुल बोरा करेंगे।
अधिकारी ने बताया कि लालचमलियाना के साथ राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री लालरुअटकिमा और राज्य के गृह विभाग के शीर्ष अधिकारी भी होंगे। उन्होंने कहा कि असम के प्रतिनिधिमंडल के आज सुबह करीब 10:45 बजे आइजोल पहुंचने की उम्मीद है और वे अगले दिन गुवाहाटी के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि असम सीमा सुरक्षा एवं विकास मंत्री के एक विशेष अधिकारी और निजी सचिव ने बुधवार को मिजोरम सरकार को सूचित किया था कि असम का प्रतिनिधिमंडल नौ अगस्त को आइजोल पहुंचकर सीमा मुद्दों पर दो दिवसीय वार्ता करेगा।
अधिकारी ने बताया कि बोरा के साथ असम के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री अशोक सिंघल और असम सीमा सुरक्षा व विकास आयुक्त एवं सचिव जीडी त्रिपाठी समेत तीन अधिकारी आइजोल पहुंचेंगे। अधिकारी ने कहा कि दोनों प्रतिनिधिमंडल वार्ता के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। मिजोरम और असम के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले साल जुलाई में हिंसक झड़प के बाद गंभीर सीमा मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने के लिए पिछले साल भी अगस्त में मुलाकात की थी। अगस्त की बैठक के बाद दो दौर की आभासी बैठकें भी हुई हैं।
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इस साल अप्रैल की शुरुआत में हुई आभासी बैठक में दोनों टीमें वार्ता को उच्च स्तर पर ले जाने के लिए सहमत हुई थी और अगली वार्ता के लिए असम को रूपरेखा तैयार करने का काम सौंपा गया था। गौरतलब है कि असम के साथ मिजोरम 164.6 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है, जिसको लेकर दोनों राज्यों के बीच पिछले कुछ वर्ष से विवाद काफी बढ़ गया है। मिजोरम और असम के बीच दशकों पुराना सीमा विवाद मुख्य रूप से 1875 और 1933 में दो औपनिवेशिक सीमांकन से उपजा था।