अगले चंद माह बाद होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 फतह करने के लिए भाजपा ने आक्रामक रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। पार्टी ने अपने विजय अभियान में युद्ध स्तर पर तेजी लाते हुए कई केंद्रीय मंत्रियों, एक उपमुख्यमंत्री और कई केंद्रीय नेताओं को विभिन्न मोर्चों पर तैनात किया है। इन्हें छह से सात संसदीय क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार से दो दिनी बंगाल दौर पर जा रहे हैं। वे राज्य के कार्यकर्ताओं व नेताओं में जोश भरेंगे। वे विभिन्न मसलों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी तूणमूल कांग्रेस को घेरेंगे।
मौर्य व मिश्रा को भी जिम्मेदारी
भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संजीव बालियान, प्रह्लाद पटेल, अर्जुन मुंडा और मनसुख भाई मांडविया अगले कुछ दिनों के भीतर पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मध्य प्रदेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी पश्चिम बंगाल में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केंद्रीय मंत्री पटेल से जब उन्हें पश्चिम बंगाल में मिली जिम्मेदारी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस बात की पुष्टि की और बताया कि उन्हें उत्तर बंगाल में पार्टी की चुनावी तैयारियों का जिम्मा सौंपा गया है।
शाह करेंगे नेताओं के साथ बैठक
सूत्रों ने बताया कि शाह 19 दिसंबर को इन सभी नेताओं के साथ एक बैठक करेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। शाह इस सप्ताह के अंत में दो दिवसीय बंगाल दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह एक सभा को संबोधित करेंगे और मिदनापुर जिले में एक किसान के घर दोपहर का भोजन करेंगे।
शुभेंदु अधिकारी थामेंगे भाजप का दामन
ऐसी खबरें और चर्चाएं हैं कि तृणमूल कांग्रेस छोड़ चुके राज्य के पूर्व मंत्री शुभेन्दु अधिकारी, शाह की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम सकते हैं। अधिकारी ने ममता मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के विधायक पद से भी इस्तीफा दे दिया था। शाह की मौजूदगी में वह भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं।
लोस चुनाव में कामयाबी से हौसला बुलंद
भाजपा नेतृत्व ने पहले ही अपने केंद्रीय पदाधिकारियों को पश्चिम बंगाल के पांच विभिन्न इलाकों की जिम्मेदारी सौंप रखी है। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा अभी तक कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाई है लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 18 सीटों पर मिली जीत से उसका हौसला बुलंद है और वह तृणमूल कांग्रेस के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभर कर सामने आई है।
पार्टी के नेता लगातार दावा करते आ रहे हैं कि इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार को उखाड़ देगी।