अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के मिरेम गांव में लोगों ने अलग शौचालय के साथ समुदाय संगरोध झोपड़ियों का निर्माण किया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से वापस लौट रहे स्थानीय लोगों को कारंटीन करने के लिए बांस की इन खास झोपड़ियों को बनाया गया है। बांस से बनी इन 14 कारंटीन झोपड़ियों का निर्माण गांव से कुछ किलोमीटर दूर पर किया गया है।
इन झोपड़ियों में बिजली से लेकर पानी तक की सुविधा मुहैया कराई गई है। गांव के करीब 40 लोग बाहर रहते हैं और उनके वापस लौटने की उम्मीद है। ऐसे में वापस लौटने वालों को 28 दिनों तक यहां रहने और कोरोना टेस्ट नेगेटिव आने के बाद ही गांव में जाने दिया जाएगा।