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पीएम मोदी की यात्रा वाला खास विमान एसपीएस से होगा लैस, सितंबर तक बेड़े में होगा शामिल

Mon, 08 Jun 2020 10:36 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पीएम के बेडे़ में शामिल होगा मिसाइल रक्षा कवच से लैस विमान - फोटो : Special Arrangement
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य शीर्ष भारतीय गणमान्य लोगों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले विशेष रूप से निर्मित दो बी777 विमान सितंबर तक बोइंग द्वारा एयर इंडिया को उपलब्ध कराए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

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पिछले साल अक्टूबर में, सरकारी अधिकारियों ने कहा था कि इन दो विमानों की आपूर्ति जुलाई तक की जाएगी, जो केवल वीवीआईपी यात्रा के लिए इस्तेमाल होंगे। अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि कुछ देरी हुई है, मुख्य तौर पर कोविड-19 के कारण। दो विमानों की आपूर्ति सितंबर तक की जा सकती है। 

इन दो बी777 विमानों का परिचालन भारतीय वायु सेना के पायलट करेंगे, न कि एअर इंडिया के पायलट। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि नए विशाल विमानों के रख-रखाव का जिम्मा एअर इंडिया की सहायक कंपनी एअर इंडिया इंजीनियरिंग लिमिटेड (एआईईएसएल) का होगा।
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वर्तमान में, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति एअर इंडिया के बी747 विमानों से यात्रा करते हैं, जिनपर ‘एअर इंडिया वन’ का चिह्न होता है। एअर इंडिया के पायलट इन बी747 विमानों को उड़ाते हैं और एआईईएसएल उनका रख-रखाव करता है।

जब ये बी747 विमान इन गणमान्य लोगों को लेकर उड़ान नहीं भरते, तब उनका इस्तेमाल भारतीय राष्ट्रीय परिवाहक व्यावसायिक परिचालनों के लिए करता है।

इन नए विमानों का इस्तेमाल केवल गणमान्य लोगों की यात्रा में किया जाएगा। ये दोनों विमान 2018 में कुछ महीनों के लिए एअर इंडिया के व्यावसायिक बेड़े का हिस्सा थे, जिसके बाद उन्हें वीवीआईपी यात्राओं के लिए नये पुर्जे जोड़ने के लिए बोइंग को वापस भेज दिया गया था।

बी777 विमानों में अत्याधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली होंगी जिन्हें लार्ज एयरक्राफ्ट इंफ्रारेड काउंटरमेजर्स (एलएआईआरसीएम) और सेल्फ प्रोटेक्शन सूट्स (एसपीएस) कहा जाता है।

फरवरी में, अमेरिका ने भारत को यह दो रक्षा प्रणालियां 19 करोड़ डॉलर की कीमत पर बेचने की सहमति दी थी।
 

ये विमान 'सेल्फ प्रोटेक्शन सूट्स' (एसपीएस) से लैस होंगे, जिसमें इंफ्रारेड और इलेक्ट्रॉनिक जंगी तकनीक शामिल है। इसके अलावा विमानों में मिसाइल चेतावनी प्रणाली होगी, जो मिसाइलों को दूर करने में सक्षम होगी। वहीं, विमान दुश्मन की रडार प्रणाली को नाकाम करने में सक्षम तकनीक से भी लैस होंगे।


इन विमानों की खासियत यह है कि ये किसी भी मिसाइल हमले के खतरे का मुकाबला करने में सक्षम होंगे। बोइंग-777 विमानों के जोड़े का पहला विमान अगस्त मध्य में और दूसरा विमान सितंबर के अंत तक अमेरिका से भारत पहुंचेगा।  
 




यह भी पढ़ें: धरती-आकाश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफर को सुरक्षित बनाने वाला विमान और कार

एयर इंडिया ने वीवीआईपी यात्रा के लिए नए बोइंग 777-300 ईआर विमान की एक जोड़ी को नवीनीकृत करने के लिए अमेरिका के डलास स्थित बोइंग सुविधा केंद्र में भेजा था, जहां इनमें मिसाइल रक्षा प्रणाली को लगाया जाएगा। इसे लगाने का खर्च लगभग 1400 करोड़ रुपये (190 मिलियन डॉलर) है। ओपन सोर्स वेबसाइट्स के एयरक्राफ्ट रिकॉर्ड से पता चलता है कि दोनों विमान तीन साल से कम पुराने थे और इनका इस्तेमाल कम ही किया जाता था।

इन विमानों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। 

'सेंटर फॉर एयर पॉवर स्टडीज' (सीएपीएस) के प्रबंध निदेशक एयर मार्शल केके नौहवार (सेवानिवृत्त) ने बताया कि वीवीआईपी लोगों पर खतरे की आशंका हमेशा बनी रहती है। अपने शीर्ष नेतृत्व की रक्षा के लिए एक राष्ट्र को जो भी उपाय करने की आवश्यकता है, वह किया जाना चाहिए।

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फिलहाल प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति एयर इंडिया के बोइंग बी 747 विमानों का प्रयोग करते हैं। ये करीब दो दशक से अधिक पुराने हैं। राष्ट्रपति को ले जाने वाला विमान तो करीब 26 साल से सेवा में है। बताया जा रहा है कि नए एयरफोर्स वन विमानों में ऑफिस की जगह, बैठक कक्ष और संचार प्रणालियां होंगी। 

बताया गया है कि इन विमानों में ईंधन भरने के बाद भारत और अमेरिका के बीच बिना रुके उड़ान भरने की सुविधा होगी।  

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