कई दफा कहा जाता है कि 'मारने वाले से बड़ा बचाने वाला होता है।' साथ ही 3 हार्ट अटैक झेल पाना भी एक अजूबा ही है। मगर इसे कुदरत का करिश्मा कहा जाए या मेडिकल विज्ञान का चमत्कार, जिसने चार महीने की विदिशा को एक नई जिंदगी दी है।
दरअसल, चार महीने की विदिशा को परेल अस्पताल में 'मिरेकल बेबी' के रुप में लोग जानने लगे हैं। जब वह पैदा हुई तो ना केवल उसे गंभीर हार्ट डिफेक्ट था। 12 घंटे की सर्जरी बाद भी उसे 6 बार हार्ट अटैक भी आए। लेकिन आश्चर्यजनक बात है कि इन सब के बावजूद भी विदिशा जिंदा है।
विदिशा कल्याण के निवासी विशाखा और विनोद वाघमाड़े की बेटी है। कुछ दिन में ही उसे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। विदिशा के पिता मुश्किल से उसके इलाज के लिए खर्च हुए 5 लाख में से केवल 25,000 ही जुटा पाए थे जबकि बाकी राशि हॉस्पिटल के डोनर्स ने दी। हालांकि बच्ची की मां विशाखा ने कहा, "जब वह केवल 45 दिन की थी, तो मैंने उसे दूध पिलाया जिसके बाद उसने उल्टी कर दी और फिर बेहोश हो गई। हमने उसे जगाया लेकिन वह फिर से बेहोश हो गई।"
डॉक्टर पांडा ने कहा कि 12 घंटे तक चली लंबी सर्जरी के बाद उसके हार्ट ने ठीक से काम करना शुरू किया लेकिन उसके कमजोर फेफड़े अब भी ठीक तरह से काम नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा कि वह सर्जरी के बाद पिछले 51 दिनों से आईसीयू में भर्ती थी। इस दौरान उसे 6 बार हार्ट अटैक का सामना करना पड़ा। कोकिला बेन अस्पताल के सर्जन डॉक्टर सुरेश राव ने कहा कि यह एक अनोखा मामला था जहां विदिशा के फेफड़े को स्थिर करने के लिए हमें उच्च फ्रीक्वेंसी वाले ऑसिलेटरी वेंटलिटर का इस्तेमाल करना पड़ा।