अकोला के एक उर्दू स्कूल के सचिव पर महिला शिक्षकों के शारीरिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। महिला शिक्षकों ने स्कूल सचिव पर आरोप लगाकर आयोग के सामने सबूत पेश किए थे। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि नियुक्ति के लिए 40 लाख रुपये नकद की मांग की गई। जबकि नियुक्त शिक्षकों से वेतन का 30 से 40 फीसदी जबरन वसूला जा रहा है।
महाराष्ट्र में महिला शिक्षकों के उत्पीड़न की शिकायत पर अल्पसंख्यक आयोग सख्त हो गया है। आयोग ने उर्दू स्कूलों में अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए कार्रवाई की। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे जिया खान ने महाराष्ट्र के अकोला जिले के दो सरकारी सहायता प्राप्त उर्दू स्कूलों में छापेमारी की।
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अकोला के एक उर्दू स्कूल के सचिव पर महिला शिक्षकों के शारीरिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। महिला शिक्षकों ने स्कूल सचिव पर आरोप लगाकर आयोग के सामने सबूत पेश किए थे। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि नियुक्ति के लिए 40 लाख रुपये नकद की मांग की गई। जबकि नियुक्त शिक्षकों से वेतन का 30 से 40 फीसदी जबरन वसूला जा रहा है। सेवानिवृत्त शिक्षकों ने बताया कि उनकी पेंशन का बड़ा हिस्सा भी जबरन काटा जा रहा है।
इसके बाद अल्पसंख्यक आयोग ने अकोला पुलिस को कार्रवाई करने का आदेश दिया। एसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में उर्दू स्कूलों के जरिये सरकार को हजारों करोड़ का चूना लगाया जा रहा है। खान ने अल्पसंख्यक समुदाय और गैर सरकारी संगठनों से अपील की है कि अगर उन पर कोई शिकायत है तो वे आयोग से संपर्क करें।