बरेली की दुराचार पीड़िता नाबालिग लड़की को गर्भपात कराने की इजाजत देने से हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया है। अदालत ने पीड़िता की याचिका पर सीधे हस्तक्षेप न करते हुए सीएमओ बरेली को पीड़िता की अर्जी पर नियमानुसार निर्णय लेने के लिए है।
पीड़िता के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उसकी नाबालिग लड़की से आरोपी आशिफ ने शादी का झांसा देकर दुराचार किया। उसके गर्भवती होने पर शादी करने से इंकार कर दिया। डाक्टर से जांच कराने पर पीड़िता को जून 2016 में 20 सप्ताह का गर्भ था। पीड़िता के पिता ने आरोपी और तीन अन्य के खिलाफ शेरगढ़ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पिता ने 26 जुलाई को सीजेएम बरेली के समक्ष अर्जी दाखिल कर गर्भपात की इजाजत मांगी। सीजेएम ने अर्जी खारिज कर दी। इसके खिलाफ रिवीजन भी खारिज हो गया तो हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई। कोर्ट ने मामले में सीधे दखल न देते हुए कहा है कि याची सीएमओ के समक्ष अर्जी दे और सीएमओ नियमानुसार इस मामले में निर्णय लें।