भारत में बच्चियों से रेप मामले की गूंज विदेशों तक पहुंच गई है। पूरी दुनिया के 600 से ज्यादा बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, छात्रों और शोधार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओपन लेटर लिखा है। जिसमें कठुआ और उन्नाव रेप मामलों पर अपना दुख जताया है और केंद्र सरकार को इस जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराया है। लेटर पर हस्ताक्षर करने वालों में से अधिकतर भारतीय मूल के हैं। इस लेटर में पीएम के लिए कहा गया है कि 'हमने देखा है कि देश में बने गंभीर हालात पर और सत्तारूढ़ों में हिंसा से जुड़ाव के निर्विवाद संबंधों को लेकर आपने लंबी चुप्पी साध रखी है।'
इनमें ब्राउन यूनिवर्सिटी, द हार्वर्ड, द कोलंबिया और जानी-मानी आईआईटी समेत कोलंबिया लॉ स्कूल, बिजनेस स्कूल, टीचर कॉलेज, कोलंबिया कॉलेज, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स के बुद्धिजीवी, शिक्षक व छात्रों ने हस्ताक्षर कर विरोध जाहिर किया है। न्यूयार्क में कोलंबिया यूनिवर्सिटी के साथ आम नागरिकों ने इसके विरोध में एक कैंडल मार्च भी निकाला है।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ जर्नलिज्म की रिपोर्टर सौम्या शंकर के मुताबिक, 120 छात्रों, शिक्षकों समेत न्यूयॉर्क शहर के लोगों ने भी यौन उत्पीड़न मामलों पर हस्ताक्षर कर विरोध स्वरूप आवाज उठाई है। प्रधानमंत्री के नाम ओपन लेटर में लिखा है कि देशभर में यौन उत्पीड़न, महिलाओं से हिंसा मामले बढ़ रहे हैं जिसमें राजनीतिक पार्टियों के लोगों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। बच्चियों से दरिंदगी के चलते दुनियाभर में भारतीय होने के नाते हमारा सिर शर्म से झुक रहा है।