केंद्र सरकार अब देश के वरिष्ठ नागरिकों को भी पौष्टिक भोजन मुहैया कराएगी। इसके लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने पूरी रूप रेखा तैयार कर ली है। इस योजना के मुताबिक देश के उन सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोषण अभियान शुरू किया जाएगा जो कुपोषित हैं। इस अभियान के तहत कुपोषित बुजुर्गों को न सिर्फ भोजन मुहैया कराया जाएगा, बल्कि उनकी सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें मानसिक और बेहतर जीवन जीने के साधनों को भी उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्र सरकार के सर्वे के मुताबिक देश में वर्ष 2036 तक वरिष्ठ नागरिकों की आबादी तकरीबन 23 करोड़ हो जाएगी। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने बताया कि उनकी सरकार देश के हर आयु वर्ग के लोगों को साथ लेकर और उनको बेहतर जीवन देने के लिए संकल्परत है। इस कड़ी में उनके मंत्रालय ने देश के कुपोषित बुजुर्गों और जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार बुजुर्गों के लिए पोषण अभियान योजना शुरू करने जा रही है।
इस योजना के तहत जो बुजुर्ग गंभीर कुपोषण के शिकार हैं, उन्हें भोजन मुहैया कराया जाएगा। योजना के मुताबिक शुरुआत में बुजुर्गों के लिए तैयार किए जाने वाले 55 हजार केंद्रों को चुन लिया गया है। इन केंद्रों पर लाखों बुजुर्गों को गर्म भोजन परोसा जाएगा। केंद्र सरकार की योजना के मुताबिक अगले तीन से चार सालों में दस हजार ग्राम पंचायतों और एक हजार नगर पालिकाओं के माध्यम से देश के लाखों बुजुर्गों तक पोषक आहार पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। केंद्र सरकार की योजना के मुताबिक बुजुर्गों के लिए पोषण अभियान में शुरुआती दौर में 39.60 करोड़ रुपये आवंटित भी कर दिए गए हैं। इस पोषण अभियान के लिए जारी किए जाने वाले बजट को वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष से आवंटित किया जाता रहेगा
केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत कई योजनाएं और कार्यक्रम लागू कर रही है। इस योजना के तहत वित्तीय सुरक्षा स्वास्थ्य देखभाल और पोषण के साथ-साथ बुजुर्गों के रहने और उनके जीवन को और बेहतर दिशा की ओर ले जाने के लिए तमाम प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा उनकी संपत्ति की सुरक्षा समेत उनकी इस उम्र में होने वाली समस्याओं को भी दूर किया जाएगा।