प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेलवे बोर्ड के सदस्य
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रेल मंत्रालय की तरफ से बोर्ड के अधिकारियों ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों समेत कई अन्य सेवाओं पर भी कई महत्वपूर्ण बातें साझा की। इसमें भविष्य में चलाई जाने वाली ट्रेनों से लेकर अब तक चलाई गई ट्रेनों के बारे में भी जानकारी दी गई। क्या-क्या कहा गया, पढ़ें
- श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की संख्या अब प्रतिदिन 200 से अधिक हो गई है : गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव
- श्रमिकों की पूरी मदद करने के लिए राज्य सरकारों से कहा गया है।
- सभी के सहयोग से अब तक 2000 से अधिक ट्रेनें चल चुकी हैं।
- अभी तक 35 लाख से अधिक लोग अपने घर पहुंच चुके हैं।
- अब तक 2600 से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चली हैं, 35 लाख से अधिक प्रवासियों ने इन ट्रेनों का इस्तमाल किया है।
- हर स्टेशन पर सामाजिक दूरी का पालन किया गया है: रेलवे बोर्ड
- प्रवासी श्रमिकों को लेकर करीब 80 प्रतिशत ट्रेनें यूपी और बिहार गई हैं।
- पिछले चार दिनों में 260 से अधिक ट्रेनें चलाई गई।
- हमने रेलवे के 17 अस्पतालों को कोविड केयर सेंटर के तौर पर विकसित किया है। 80,000 बिस्तरों के साथ 5,000 डिब्बों को कोविड देखभाल केंद्रों में बदला गया है। चूँकि इनमें से कुछ का अभी उपयोग नहीं किया जा रहा था, इसलिए हमने इनमें से 50% कोचों को श्रमिक विशेष ट्रेनों के लिए इस्तेमाल किया। जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर से कोविड देखभाल के लिए उपयोग किया जाएगा: रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव
- रेल मंत्रालय ने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) और सैनिटाइजर का उत्पादन करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, 1.4 लाख लीटर सैनिटाइजर के उत्पादन के साथ लाखों पीपीई किट भी दान दिया है: विनोद कुमार यादव, अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड
रेलवे की आगे की तैयारी
श्रमिक स्पेशल ट्रेन
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- अगले दस दिनों में 2600 ट्रेनों से 36 लाख यात्रियों को यात्रा करवाने की तैयारी: रेलवे
- सामान्य स्थिति की ओर लौटने के प्रयास में रेल मंत्रालय 1 जून से 200 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चलाएगा: विनोद कुमार यादव, अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड
- टिकट के लिए 1000 काउंटर खोले गए हैं और आगे कई और काउंटर खोले जाएंगे।
- लोग 30 दिन पहले एडवांस में रिजर्वेशन करा सकेंगे।
- 21 मई से टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है, इसे ऑनलाइन, पीआरएस, कॉमन सर्विस सेंटर, पोस्ट ऑफिस और एजेंट्स के जरिए कराया जा सकता है।
- आरएसी यानी रिजर्वेशन अगेस्ट कैंसिलेशन को परमिशन दी गई है। वेटिंग लिस्ट के यात्री जर्नी नहीं कर सकेंगे।
- ट्रेन में किसी भी तरह के अनारक्षित कोचों की व्यवस्था नहीं है। ट्रेन के अंदर रेडी टू ईट फूड की व्यवस्था की गई है।
- एक मई को श्रमिक स्पेशल ट्रेनें शुरू की गई। सभी यात्रियों को मुफ्त भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। ट्रेनों और स्टेशनों में सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है: विनोद कुमार यादव, अध्यक्ष, भारतीय रेलवे
- श्रमिक स्पेशल ट्रेन तब तक चलती रहेगी जब तक इसकी जरुरत होगी।
- पश्चिम बंगाल जब राजी होगा तब वहां भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएगी।
- यदि हमें किसी भी राज्य सरकार को आवश्यकता होती है, तो हम राज्य के भीतर ट्रेनें चलाने के लिए भी तैयार हैं: रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव
- यूपी-बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेनों की अधिक संख्या होने की वजह से इन मार्गों पर भीड़ अधिक है, इसी वजह से हमने कुछ ट्रेनों को दूसरे मार्ग से ले जाने का फैसला किया है और ये अक्सर होता रहता है।