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Railway: 14 और स्टेशनों को विकसित करने के लिए 4-5 महीनों में जारी होंगी निविदाएं, मिलेंगी ये खास सुविधाएं

Thu, 03 Nov 2022 07:20 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पहले ही पश्चिम मध्य रेलवे के रानी कमलापति स्टेशन, पश्चिम रेलवे के गांधीनगर राजधानी स्टेशन और दक्षिण पश्चिम रेलवे के सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल स्टेशन को विकसित किया जा चुका है। ये स्टेशन चालू भी हैं। 
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रानी कमलापति रेलवे स्टेशन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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रेल मंत्रालय स्टेशनों को चाक-चौबंद करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इस क्रम में देखें तो हाल के दिनों में स्टेशन पुनर्विकास परियोजना में तेजी आई है। रेलवे ने अपनी इस परियोजना को लेकर जानकारी दी है। रेलवे ने बताया कि बिजवासन और सफदरजंग रेलवे स्टेशनों को विकसित करने लिए निविदाएं प्रदान की गई हैं। यहां काम विभिन्न चरणों में है। रेलवे ने यह भी बताया कि नई दिल्ली और दिल्ली छावनी रेलवे स्टेशनों के लिए निविदाएं अगले चार-पांच महीनों में दिए जाने की संभावना है। वहीं अगले चार-पांच महीनों में 14 और स्टेशनों को विकसित करने के लिए निविदाएं जारी की जा सकती है। 

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 पुनर्विकास परियोजनाएं निविदा चरण में
रेलवे के मुताबिक, इन स्टेशनों के पुनर्विकास में स्टेशन परिसर में एक विशाल छत प्लाजा, फूड कोर्ट, वेटिंग लाउंज, बच्चों के लिए खेल स्पेस और स्थानीय उत्पादों के लिए एक निर्दिष्ट स्थान जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इतना ही नहीं, यह परियोजना रेलवे स्टेशनों के साथ परिवहन के विभिन्न साधनों, जैसे मेट्रो और बस सेवाओं को एकीकृत करेगी। 

इस परियोजना के तहत पुनर्विकास के लिए स्टेशन के बुनियादी ढांचे का निर्माण हरित भवन प्रौद्योगिकी और विकलांग लोगों के लिए सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। रेलवे ने बताया कि यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ आधुनिक भवनों की अवधारणा पर स्टेशनों का विकास किया जाएगा। इस परियोजना के तहत रेलवे यात्रियों के साथ-साथ आम जनता के लिए स्टेशनों पर "सिटी सेंटर जैसी जगह" भी बनाई जाएंगी। हालांकि रेलवे ने इस स्तर पर स्टेशनों के निर्माण के लिए समय सीमा का खुलासा नहीं किया है। रेलवे का कहना है कि इसके लिए पहले कई हितधारकों और विभिन्न वैधानिक मंजूरी लेनी पड़ेंगी।  
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गौरतलब है कि पहले ही पश्चिम मध्य रेलवे के रानी कमलापति स्टेशन, पश्चिम रेलवे के गांधीनगर राजधानी स्टेशन और दक्षिण पश्चिम रेलवे के सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल स्टेशन को विकसित किया जा चुका है। ये स्टेशन चालू भी हैं। 

पीपीपी मॉडल के तहत 16 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए लगेगी बोली
वहीं, हाल ही में सूत्रों ने बताया था कि रेलवे सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत आनंद विहार टर्मिनल सहित 16 स्टेशनों पर पुनर्विकास के लिए बोली लगाएगा। पुनर्विकास किए जाने वाले अन्य स्टेशनों में तांबरम, विजयवाड़ा, दादर, कल्याण, ठाणे, अंधेरी, कोयंबटूर जंक्शन, पुणे, बैंगलोर सिटी, वडोदरा, भोपाल, चेन्नई सेंट्रल, दिल्ली हजरत निजामुद्दीन और अवादी शामिल हैं। रेलवे की योजना चालू वर्ष के भीतर ही इन स्टेशनों के लिए बोली लगाने की है।

इन रेलवे स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा
यात्रियों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इन रेलवे स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा। निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न मुद्रीकरण मॉडलों की जांच की जा रही है। पहले चरण में 50 लाख प्रतिदिन की संख्या वाले 199 स्टेशनों का पुनर्विकास करने की योजना है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस महीने की शुरुआत में एक प्रेस वार्ता में कहा था कि पुनर्विकसित स्टेशनों के डिजाइन में खुदरा, कैफेटेरिया और मनोरंजक सुविधाओं के लिए रिक्त स्थान के साथ-साथ सभी यात्री सुविधाओं के साथ एक विशाल प्लाजा शामिल होगा।

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