कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना-पीएमएवाई (जी) ने एक अवसर में बदल दिया है। लॉकडाउन के रिकॉर्ड समय में मंत्रालय ने साढ़े तीन लाख ग्रामीण घर बना डाले हैं। लॉकडाउन लगते ही मंत्रालय ने दूरदर्शिता से काम करते हुए राज्य सरकारों की मदद से प्रवासी मजदूरों के कुशलता डेटा के जरिए श्रमिकों से प्रशिक्षण से लेकर मिस्त्री और मजदूर तक का काम लेना शुरू कर दिया है। नतीजतन 20 अप्रैल से शुरू हुए आवासों के काम में शनिवार तक हर दिन औसतन 12 से 13 हजार तक घर बनाए जा रहे हैं।