स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविन किसी भी व्यक्ति के संक्रमण इतिहास के बारे में कोई जानकारी एकत्र नहीं करता है। कोविन सिर्फ दो शॉट्स के बीच अंतराल से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी एकत्र करता है।
कोविन प्लेटफॉर्म को लेकर उठे विवाद के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को इस मामले पर सफाई दी है। मंत्रालय ने कहा कि कोविन एप को देश में टीकाकरण के प्रबंधन के लिए एक मंच के रूप में बनाया गया है। यह किसी भी व्यक्ति के संक्रमण इतिहास के बारे में कोई जानकारी एकत्र नहीं करता है। कोविन सिर्फ दो शॉट्स के बीच अंतराल से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी एकत्र करता है। जैसा कि इसे लेकर हमलोग समय-समय पर सूचित करते रहते हैं।
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आरोप यह भी लगाया गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविन प्लैटफॉर्म को हैक करके कुछ खास लोगों को टीकाकरण का फायदा पहुंचाया। जिसके बाद केंद्र सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि कोविन को हैक नहीं किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर चल रही इस तरह की रिपोर्ट महज अफवाह है।
मंत्रालय ने आगे कहा कि कोविन डिजिटल प्लेटफॉर्म की वजह से लोगों को वैक्सीन नहीं मिल पा रहा है, यह एक झूठी अफवाह है। अब तक कुल डोज के 50 फीसदी इसी प्लेटफॉर्म के जरिए बुक किए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत के बाद से देशभर में कुल मिलाकर दो करोड़ से अधिक लोगों को पहली खुराक दी गई है। आज यानी सोमवार को कुल 25 लाख डोज दी गई। मंत्रालय ने कहा कि देश में अब तक 21.58 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक दी गई हैं।