इटली : 73 फीसदी 51 वर्ष से अधिक के
- संक्रमितों में 18 वर्ष से कम के 1.4 प्रतिशत, 19 से 50 के बीच 26.2 प्रतिशत, 51 से 70 के 36.4 और 70 से अधिक उम्र के 36 प्रतिशत।
चीन : 97 फीसदी से ज्यादा मृतक 59 से ऊपर
- चीन में मृतकों में 2.3 प्रतिशत की उम्र 59 वर्ष से कम। बाकी करीब 97 फीसदी ऐसे लोगों ने दम तोड़ा जिनकी उम्र 60 से अधिक थी।
डॉ. माइक रियान, कार्यकारी निदेशक, डब्ल्यूएचओ
अब तक माना जा रहा था कि बुजुर्गों की मौत रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से हुई। लेकिन वायरस युवाओं को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
डब्ल्यूएचओ ने मनमानी करने वालों को चेताया
डब्ल्यूएचओ के डॉ. मारिया वान केरखोवे के मुताबिक कोरोना अब तक 60 वर्ष से ज्यादा उम्र वालों की जान का दुश्मन था। अब हर उम्र के लोग जान गंवा रहे हैं। कुछ देशों में 20 से 50 वर्ष के लोग भी जान गवां रहे हैं। ब्रिटेन और अमेरिका में बच्चों की भी मौत हुई है। कम उम्र के लोगों में वायरस फैला तो ज्यादा घातक साबित होगा।
उम्रदराज लोग लॉकडाउन का पूरा पालन करें
डॉ विवेक कुमार, हृदय रोग विशेषज्ञ, मैक्स अस्पताल, साकेत
दुनिया के 80 से ज्यादा देशों में महामारी व्यापक रूप से है। इटली जैसे देशों में सबसे ज्यादा मौत हो रही हैं। अब तक सामने आए अध्ययन के अनुसार हृदय रोग से ग्रस्त मरीजों को बेहद सावधानी की जरूरत है। उन्हें लॉकडाउन के नियमों का सबसे ज्यादा पालन करना चाहिए।
डॉ. हिमांशु वर्मा, विभागाध्यक्ष, नेफ्रोलॉजी सफदरजंग
जो अध्ययन अब तक सामने आए हैं उनके मुताबिक कोरोना किडनी को नुकसान पहुंचाता है। देश में क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) रोगियों की संख्या काफी है। आमतौर पर सीकेडी रोगी हर आयुवर्ग में है लेकिन 50 से 60 वर्ष या उससे ज्यादा के मरीज काफी हैं। इसलिए इन्हें अलर्ट रहना चाहिए।