इस समय जहां मौसमी इनफ्लूएंजा के सब टाइप H3N2 के प्रसार को लेकर चिंता जताई जा रही है, वहीं देशभर में स्वाइन फ्लू या H1N1 वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के आंकड़ों में बताया गया है कि H1N1 अब तक 955 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी तक H1N1 के कुल 955 मामले सामने दर्ज किए गए हैं। सबसे अधिक मामले तमिलनाडु (545), महाराष्ट्र (170), गुजरात (74), केरल (72) और पंजाब (28) में सामने आए हैं।
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मंत्रालय का कहना है कि मार्च के अंत से संख्या में गिरावट आने की उम्मीद है और संख्याओं को ट्रैक किया जा रहा है और निगरानी की जा रही है। हालांकि, तीव्र श्वसन और इन्फ्लूएंजा बीमारियों के 3,97,814 से ज्यादा केस के साथ इन्फ्लूएंजा के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है।
स्वाइन फ्लू संक्रमण के बारे में जानिए
एच1एन1 फ्लू जिसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू के रूप में जाना जाता है, यह मुख्य रूप से फ्लू (इन्फ्लूएंजा) वायरस के H1N1 स्ट्रेन के कारण होता है। इसके लक्षण मौसमी फ्लू के समान ही होते हैं। इसमें बुखार, खांसी, गले में खराश, बहती हुई नाक, शरीर में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना और थकान शामिल हैं। संक्रमितों में दस्त और उल्टी की भी दिक्कत हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं इस समय देश में कई प्रकार के संक्रमण का दौर चल रहा है। मच्छर जनित कई बीमारियां भी बढ़ रही हैं, ऐसे में सभी लोगों के लिए स्वाइन फ्लू संक्रमण और अन्य में समय रहते अंतर करना बहुत आवश्यक है, जिससे स्थिति का सही निदान और उपचार किया जा सके।
कोविड-19 और स्वाइन फ्लू में अंतर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, देश में स्वाइन फ्लू दोनों के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। कोविड-19 और स्वाइन फ्लू ज्यादातर लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, जिनको लेकर सभी लोगों को विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। दोनों बीमारियों के कई लक्षण एक जैसे जरूर हो सकते हैं पर दोनों की गंभीरता का स्तर अलग है, इस वजह से स्थिति की सही निदान होना भी बहुत आवश्यक है।
कोविड-19 और स्वाइन फ्लू दोनों में शरीर दर्द, थकान, सिरदर्द, बहती नाक, खांसी आने, गले में खराबी जैसी समस्या हो सकती है। इन लक्षणों में समय रहते अंतर करने की आवश्यकता है।