फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दक्षिण चीन सागर को भारत ने बताया अंतराष्ट्रीय क्षेत्र, कहा- सबका समान अधिकार

Thu, 29 Aug 2019 07:35 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला डिजिटल ब्यूरो

सार

  • सभी देश भय रहित होकर स्वतंत्र नौवहन, वैधानिक वाणिज्यिक गतिविधियों और हवाई क्षेत्र का प्रयोग करें
  • समस्या के समाधान के लिए शांतिपूर्ण, कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय वैधानिक तरीका ही सही
  • सैन्य ताकत या धमकी से समाधान अनुचित
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दक्षिण चीन सागर पर भारत ने अपने रुख को दोहराते हुए इसे अंतराष्ट्रीय क्षेत्र बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि दक्षिण चीन सागर अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र है और इस पर सबका समान अधिकार है। रवीश कुमार के मुताबिक इस क्षेत्र में सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार स्वतंत्र नौवहन, इसके वायुक्षेत्र के इस्तेमाल और वैधानिक वाणिज्यिक गतिविधियों को जारी रखने की आजादी होनी चाहिए।
विज्ञापन


रवीश कुमार ने जोर देते हुए कहा कि दक्षिण चीन सागर समस्या का समाधान शांतिपूर्ण, कूटनीतिक तरीके और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में होना चाहिए। इसके लिए सैन्यबल का इस्तेमाल या धमकी देना कोई सही तरीका नहीं है।

चीन करता है दावा

दक्षिण चीन सागर पर चीन अपना दावा करता है। चीन ने इस क्षेत्र में सैन्य बेस स्थापित करते हुए यहां आने वाले अन्य देशों के नौसैनिक पोत आदि के प्रवेश पर भी एतराज जताता है। दक्षिण चीन सागर की वैधानिकता को लेकर चीन और अमेरिका में कई बार ठन चुकी है। इस क्षेत्र में घुस आए अमेरिकी पोतों को चीन के लड़ाकू विमानों ने क्षेत्र से बाहर कर दिया, तो अमेरिका ने भी यहां दोबारा अपने पोत भेजे, जिससे टकराव जैसी स्थिति बनी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें