वित्तमंत्रालय ने शुक्रवार को दोबारा स्पष्टीकरण जारी कर बताया, यह राहत फसल और ट्रैक्टर ऋण पर लागू नहीं होगी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ब्याज माफी का लाभ कुल आठ श्रेणियों के कर्ज पर दिया जाएगा।
वित्तमंत्रालय का स्पष्टीकरण, फसल और ट्रैक्टर ऋण पर नहीं लागू होगी राहत
वित्त मंत्रालय ने कहा, फसल और ट्रैक्टर ऋण कृषि व उससे संबद्ध कार्यों के अंतर्गत हैं। लिहाजा इस पर ब्याज माफी का लाभ नहीं दे सकते। मंत्रालय ने बताया, सामान्य ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज के अंतर की गणना बेंचमार्क दर कॉन्ट्रैक्ट रेट पर होगी, जिस पर क्रेडिट कार्ड कंपनियां ईएमआई पर ऋण देती हैं। कर्ज पर ब्याज की गणना के लिए 29 फरवरी तक के बकाए को आधार बनाया जाएगा।
मंत्रालय ने बताया, एमएसएमई, शिक्षा, हाउसिंग, उपभोक्ता, ऑटोमोबाइल, उपभोग समेत पेशेवरों को दिए पर्सनल कर्ज और क्रेडिट कार्ड बकाया पर ही ब्याज पर ब्याज में राहत मिलेगी। गौरतलब है कि सरकार और आरबीआई ने सभी कर्जधारकों के खाते में 5 नवंबर तक ब्याज माफी की राशि भेजे जाने का निर्देश दिया है।
एलटीसी नकद वाउचर पर निजी क्षेत्र को भी कर छूट का लाभ : सीबीडीटी
आयकर विभाग ने कहा है कि अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) नकद वाउचर योजना में आयकर छूट का लाभ केंद्रीय कर्मचारियों के अलावा राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को भी मिलेगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा, प्रति कर्मचारी अधिकतम 36 हजार रुपये नकद भुगतान पर आयकर छूट मिलेगी।
आयकर विभाग ने कहा, इसमें एलटीसी राशि का तीन गुना उन वस्तुओं या सेवाओं पर खर्च करना होगा जिन पर 12 फीसदी से ज्यादा जीएसटी हो। खरीदारी पंजीकृत दुकानदार या सेवाप्रदाता से करनी होगी। भुगतान 12 अक्तूबर, 2020 से 31 मार्च 2021 के बीच होना अनिवार्य होगा। छूट 2018-21 के दौरान मिले एलटीसी पर ही मिलेगी। सीबीडीटी ने कहा, अगर कर्मचारी नकद वाउचर की तीन गुना राशि से कम खर्च करता है, तो वह मान्य आयकर छूट पाने का हकदार नहीं होगा।