बिश्केक एससीओ समिट के दौरान पीएम मोदी
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भारत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) देशों के प्रमुखों की परिषद के सम्मेलन की 30 नवंबर को मेजबानी करेगा। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य फोकस प्रभावशाली समूह के व्यापार और अर्थव्यवस्था के एजेंडे में योगदान पर रहेगा।
आठ देशों के समूह एससीओ दुनिया की संख्या का 42 फीसदी और वैश्विक जीडीपी का 20 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। भारत एससीओ देशों के साथ अपने सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है।
एक ऑनलाइन सेमिनार में एससीओ और भारत के संबंधों पर विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप ने कहा कि समूह द्वारा क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में नए सिरे से लाई गई तेजी सुरक्षा चुनौतियों और दीर्घावधि आर्थिक और ऊर्जा संबंधों में परिलक्षित होती है। भारत 2005 तक एससीओ में पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल होता था और 2017 में वह इसका पूर्ण सदस्य बना।
भारत ने संसाधन संपन्न मध्य एशियाई देशों तक पहुंच के लिए अंतरराष्ट्रीय नार्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसे संपर्क परियोजनाओं को बढ़ाने पर जोर दिया।
एससीओ में चीन, कजाकस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया पर्यवेक्षक देश के तौर पर शामिल हैं।